शेयर बाजार में लाभ के टोटके

स्विंग ट्रेडिंग क्या है?

स्विंग ट्रेडिंग क्या है?
swing trading in hindi

Swing Trading क्या है फायदे और नुकसान

आज का हमारा टॉपिक स्विंग ट्रेडिंग के ऊपर है। आज हम इस आर्टिकल में आप को बताएंगे कि स्वींग ट्रेडिंग (swing trading) क्या होती है , स्विंग ट्रेडिंग कैसे करते है ,और स्विंग ट्रेडिंग के हमे क्या फायदे और नुकसान हो सकते है ?

हमारे भारत के कई लोग जाने अनजाने में स्वींग ट्रेडिंग करते है लेकिन उन्हें इस के बारे में पता ही नहीं होता। तो आज हम इसी के बारे में आप को पुरी जानकारी देंगे।

स्वींग ट्रेडिंग

स्विंग ट्रेडिंग का अर्थ है जब हम किसी कंपनी के शेयर को कम दाम में ख़रीदते है और जैसे ही उस कंपनी के शेयर का प्राइस बढ़ जाता है तो हम उसे बेच कर प्रॉफिट बना लेते है। इस में दो दिन भी लग सकते है और एक महीना भी लग सकता है। स्वींग ट्रेडिंग करने से हमे लोस्स कम हो सकता है क्योंकि इस में हम शेयर को ज्यादा टाइम तक होल्ड कर के नहीं रखते।

जैसे ही कोई शेयर का प्राइस कम होता है तो हम उस शेयर को खरीद लेते है और जब दो दिन बाद उस का प्राइस बढ़ गया तो हम उसे बेच देते है।

ऐसे ही हम कितने ही शेयर खरीदते और बेचते रहते है। जिस से हमें कम रिस्क ले करअच्छा प्रॉफिट बना लेते है। जब हम किसी कंपनी के शेयर कम प्राइस पर खरीदते है और जैसे ही उस का प्राइस बढ़ जाये उसे बेच देते है। इसी को ही स्विंग ट्रेडिंग कहा जाता है।

स्वींग ट्रेडिंग कैसे करते है

स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए हमारे पास डी -मैट अकाउंट होना चाहिए, तभी हम स्विंग ट्रेडिंग में निवेश कर सकते है। उसके बाद स्वींग ट्रेडिंग करने के लिए हम एक अच्छी कंपनी को ढूंढ़ते है। फिर हम उस के बारे में थोड़ी रिसर्च करते है। ऐसी कंपनियों के शेयर का प्राइस बहुत जल्द कम और ज्यादा हो जाता है।

फिर जैसे ही उस कंपनी का प्राइस कम होता है हम उसे खरीद लेते है और जैसे ही हमे लगता है की हमे उस से 5 % प्रॉफिट हो सकता स्विंग ट्रेडिंग क्या है? है तो हम उसे बेच देते है।

स्वींग ट्रेडिंग से हमे कई फायदे भी हो सकते है और नुकसान भी हो सकता यह आप के ऊपर निर्भर होता है कि आप कोन सी कंपनी के शेयर खरीद रहे हो।

स्वींग ट्रेडींग के हमे क्या क्या फायदे हो सकते है

1.रिस्क कम होना

स्वींग ट्रेडिंग में निवेश करना कम रिस्क वाला काम होता है क्योंकि हम इस में शेयर को ज्यादा दिन तक होल्ड कर के नहीं रखते। इस में हम किसी कंपनी के कम प्राइस वाले शेयर को खरीद लेते है और जैसे ही हमे उस से थोड़ा सा प्रॉफिट हो हम उसे बेच कर किसी और कंपनी के शेयर को खरीद लेते है।

2.बिगनर्स के लिए

बिगनर्स के लिए स्वींग ट्रेडिंग में निवेश करना काफी फायदेमंद रहता है।

3.ज्यादा एनलाइसिस नहीं करनी पड़ती

स्वींग ट्रेडिंग हमे हमे किसी कंपनी की ज्यादा एनलाइसिस नहीं करनी पड़ती हम उस कंपनी के बारे में प्रमुख बाते जान कर उस में निवेश कर सकते है। जिस कंपनी के शेयर का प्राइस कम और ज्यादा होता रहे हम उस में स्विंग ट्रेडिंग कर सकते है। इस के लिए हमे ज्यादा जाँच पड़ताल करने की भी जरूरत नहीं है।

4.कम समय में प्रॉफिट बनाना

स्वींग ट्रेडिंग में हम हम समय में भी प्रॉफिट बना सकते है। इस में हम कम दाम में शेयर खरीद कर जैसे प्राइस थोड़ा सा भी बड़े हम उसे बेच कर उस से प्रॉफिट बना लेते है। इस लिए स्विंग ट्रेडिंग में हम कम समय में भी निवेश कर सकते है।

5. स्विंग ट्रेडिंग वेतन की तरह काम करता है

स्विंग ट्रेडिंग सैलरी की तरह काम करता है। इस से हम सैलरी की तरह हर महीने पैसे प्राप्त कर सकते है। लेकिन इस के लिए हमे स्विंग ट्रेडिंग को ज्यादा समय देना पड़ता है।

स्विंग ट्रेडिंग से हमे कैसे नुकसान हो सकता है

1.धीरज रखना

स्वींग ट्रेडिंग में निवेश करते समय हमे धीरज रखना होता है, जब शेयर का प्राइस बड़े हमे उसे तभी बेचना चाहिए। अगर आप स्विंग ट्रेडिंग में निवेश करते समय धीरज नहीं रखते तो इस से आप को नुकसान भी हो सकता है।

2.ओवरनाइट रिस्क

अगर आप स्विंग ट्रेडिंग में किसी कंपनी के शेयर खरीदते है और अगली रात ही अगर भारत बंद हो जाता है तो आप की कंपनी के शेयर के प्राइस बहुत कम हो सकते है। लेकिन शेयर का प्राइस बढ़ने के लिए आप को इंतजार करना चाहिए।

3.सही तरीके के एनलाइसिस करना

आप को स्वींग ट्रेडिंग करने से पहले कंपनी की कुछ प्रमुख चीजों पर एनलाइसिस कर लेना चाहिए। आप को पता होना चाहिए कि एक अच्छी कंपनी कोन सी हो सकती है।

4.ज्यादा समय की आवश्यकता

स्विंग ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए आप को स्विंग ट्रेडिंग को ज्यादा समय देना स्विंग ट्रेडिंग क्या है? होगा। इस में आप को कंपनी के ऊपर बहुत ज्यादा नजर रखनी पड़ती है। इस के लिए आप के पास अधिक समय होना चाहिए। अगर आप के पास स्विंग ट्रेडिंग के लिए अधिक समय नहीं है तो फिर आप को इस में निवेश नहीं करना चाहिए।

मुझे उम्मीद है कि मेरे इस आर्टिकल से आप को स्विंग ट्रेडिंग के बारे में अच्छी तरह से समझ आ गया होगा। अगर आप को हमारा आर्टिकल पसंद आया है तो कमेंट करके जरूर बताए।

टेक्नो-फंडा एनालिसिस के साथ मार्केट साइकोलॉजी के मिश्रण का यूज़ करके स्विंग ट्रेडिंग करना

Intermediate

By Parveen Kumar

*inclusive of taxes

590 *inclusive of taxes

13-May-2020 at 06:00 PM (IST)

Duration: 2 Hours

Total Users: 181

Introduction

अपने कैपिटल की सिएजिआर वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए पोजीशनल ट्रेडिंग या स्विंग ट्रेडिंग सबसे प्रसिद्ध तरीको में से एक है, लेकिन दुर्भाग्य से उचित स्किल और नॉलेज की कमी के कारण बहुत कम मार्केट प्रतिभागी ही अपनी इच्छा के अनुसार रिटर्न उत्पन्न कर पाते है׀

प्रोफेशनल ट्रेनिंग की सहायता से कोई भी व्यक्ति एक अच्छा पोजीशनल / स्विंग ट्रेडर बन सकता है और साधारण मार्केट रिटर्न को पछाड़ने के लिए काफी हद तक अपने कैपिटल की वृद्धि को बढ़ावा दे सकता/सकती है׀

Positional trading or swing trading is one of the most popular ways to boost the CAGR growth of capital but unfortunately very few market participants are able to generate desired returns due to lack of proper skill and knowledge.

Any person can become a good positional / swing trader with the help of professional training & boost the growth of his/her capital substantially to beat normal market returns.

Objective of the Webinar-

इस वेबिनार का उद्देश्य कुछ टेक्निकल इंडिकेटरों का प्रयोग करके मार्केट प्रतिभागियों को पोजीशनल / स्विंग ट्रेडिंग टूल तथा टेक्निक को सिखने में मदद करना है׀ पोजीशनल ट्रेडिंग के माध्यम से अच्छा रिटर्न उत्पन्न करने के लिए उन्हें सक्षम बनाना है׀

Objective of the webinar is to help the participants in learning positional / swing trading tools & techniques by using certain technical indicators. To make them able to generate good returns from positional trading

Speaker

Parveen Kumar

Parveen Kumar

श्री प्रवीण कुमार फाइनेंसियल मार्केट में 8 वर्ष का अनुभव रखते है׀ वे पेशे से ट्रेनर है और फाइनेंसियल मार्केट में सक्रिय रूप से शामिल है׀ वह एक टेक्नो-फंडा ट्रेडर है और प्रतिकूल इन्वेस्टर है जो विशेष रूप से अपने मार्केट रिसर्च और मार्केट साइकोलॉजी के लिए जाने जाते है׀ स्विंग ट्रेडिंग क्या है? इन्होंने प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ फंडामेंटल और टेक्निकल एनालिसिस पर कई सेशन लिए है׀

Mr. Parveen Kumar comes with 8 years of experience in financial markets. He is a trainer by profession & actively involved in financial markets. He is a techno-funda trader & contrarian investor specially known for his market research & market psychology. He took many sessions on fundamental & technical analysis with reputed institutions.

What You Will Learn

    • पोजीशनल / स्विंग ट्रेडिंग क्या है
    • पोजीशनल ट्रेडिंग के लिए सेट अप कैसे खोजे
    • बेहतर रिटर्न के लिए एंट्री / एग्जिट साइकोलॉजी
    • पालन करने के लिए नियम और अनुशासन
    • धन का नियोजन
    • What is positional /swing trading
    • How to find set ups for positional trading
    • Entry/Exit Psychology for better returns
    • Rules & Discipline to follow
    • Money allocation

    Materials to be shared with participants

    A pdf file which will be given as a take away to practice positional trading.

    Prerequisites

    विभिन्न क्षेत्रीय क्षेत्रों के बाजार के ज्ञान के साथ RSI, कैंडलस्टिक्स और मूविंग एवरेज की बुनियादी समझ

    Basic understanding of RSI, Candlesticks & Moving Averages along with knowledge of various sectoral Indices of Markets

    How to Participate

    Step 1 : Click on 'Reserve Spot Today !' button and book your seat for the webinar.

    Step 2 : You will receive an email containing a link to join the webinar.

    Step 3 : Click on the same link to join 15 minutes before the start of the webinar.

    Step 4 : Check system requirements and do necessary configuration of your headphone/speaker and system volume.

    Yes, the recording of the webinar will be available within 24 hours from the completion of the live session.

    To access the recording of the live webinar, please follow these two steps:

    Step 1: Log into elearnmarkets using your email ID and password.
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    The recordings of the webinars you have joined till date will be available in the ‘My Webinars’ section.

    Once you register for the webinar, your access to its recording is for a lifetime.

    Please feel free to स्विंग ट्रेडिंग क्या है? reach out to Team Support at 9051622255.

    You can also drop a mail at [email protected]

    At Elearnmarkets, all our trainers are highly qualified and experts in their particular field.

    If you have any query related to the content of the Webinar, please write us at [email protected] stating your concern. We shall revert back with an answer from the trainer within 72 hours.

    Once you enroll for the webinar, we shall send a mail to your registered email address which shall carry the link of the live webinar session. You just need to click on the link to attend the live session. Please make sure that you have a speaker or headphone connected to your desktop/laptop.

    The webinar will be conducted via GoToWebinar.

    If you are not familiar with GoToWebinar, don’t worry. The webinar link will connect you to GoToWebinar directly.

    If you are attending the live webinar using your mobile phone, please follow these steps:

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    Step 2: In your registered mail address along with the webinar link, we shall also send a 9 digit webinar code. Please apply this webinar code after you open the GoToWebinar app. It will connect you to the webinar directly.

    In case of any confusion or trouble connecting to the webinar, please call 15 minutes prior to the live webinar session at 9051622255. We are there to assist you in every way possible.

    All you need is a laptop/desktop/mobile phone with an internet connection. We also recommend the attendees to use headphones for better sound clarity.

    Once you purchase a past webinar, the recording of the webinar gets added into your Elearnmarkets account.

    In case the webinar doesn't reflect in your account immediately, we request you to kindly wait for an hour.

    If the issue still persists, please reach out to Team Support at 9051622255 (Monday to Saturday from 10:30AM to 6:30PM).

    If in any webinar a document was promised to be shared with the attendees, you will be able to download the file from the ‘My Webinar’ section.

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    Step 2: Check the Download tab in the Elearnmarkets app. You will find the recorded webinar downloaded.

    swing trading in hindi / शेयर बाजार में स्विंग ट्रेडिंग क्या होता है ?

    swing trading in hindi

    नमस्ते दोस्तों। आज हम जानने वाले हे की swing trading in hindi क्या होता हे। और किस तरह स्विंग ट्रेडिंग की जाती हे। और स्विंग ट्रेडिंग के क्या क्या फायदे हे।सात ही हम जानेंगे की स्विंग ट्रेडिंग में लोग क्या क्या गलतिया करते हे। और swing trading statergy इन सब के बारे में हम आज जानने वाले हे।

    swing trading in hindi

    जब आप कोई शेयर खरीदते हो। और दूसरे दिन या फिर थोड़े दिनों के बाद प्रॉफिट होने पर उसे बेच देता हो उसेही स्विंग ट्रेडिंग swing trading in hindi कहा जाता है। इसमें interday trading जैसा नहीं होता की आज शेयर ख़रीदा तो आज ही बेचना पड़ेगा। ऐसा स्विंग ट्रेडिंग में नहीं होता। स्विंग ट्रेडिंग में आप आपको जब प्रॉफिट या फिर १५ दिन या १ महीने में आप इस शेयर को बेचेंगे तो स्विंग ट्रेडिंग कहलायेगा।

    swing trading ke fayde

    स्विंग ट्रेडिंग से आप मियमित प्रॉफिट कमा सकते है। आपको १० साल या १५ साल रुकने की कोई जरुरत नहीं। स्विंग ट्रेडिंग से आप कम टाइम में बड़ा पैसा बना सकते है। आपके जो भी खर्चे हे महीने के ,वो आप स्विंग ट्रेडिंग करके कमा सकते हो। बस आपको आपकी थोडीसी सेविंग एक ऐसे शेयर में लगनी हे जो काम समय में आपको अच्छे रिटर्न्स दे सके।

    लेकिन इसकेलिए आपको पहले स्विंह ट्रेडिंग सीखनी होगी। उसकी स्टेटर्जी सीखनी होगी। की कब शेयर को ख़रीदे और कब बेचे। ये अगर आप सिख गए तो स्विंग ट्रेडिंग में हर महीने आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते है

    स्विंग ट्रेडिंग में की जनि वाली गलतिया

    ज्यादा टूल्स का इस्तेमाल करना

    ज्यादा टूल्स का इस्तेमाल करना। मतलब ट्रडिंग के लिए कभी इंडिगेटर का इस्तेमाल करते है। तो कभी किसीके स्टेटर्जी का या फिर बाहत सरे इंडिगेटर एक साथ इस्तेमाल कर लेंगे।

    गलत टाइम फ्रेम

    – बहुतसे लोग स्विंग ट्रेडिंग के लिए ५ मिनिट १५ मिनिट या १ घंटे का टाइम फ्रेम का इस्तेमाल करके ट्रेडिंग करेते है। स्विंग ट्रडिंग में हमेशा दिन या हप्ते या महीने का स्विंग ट्रेडिंग क्या है? टाइम फ्रेम का इस्तेमाल करना चाहिए।

    न्यूज़ पे ट्रेडिंग करना –

    अगर हमारे ख़रीदे हुए शेयर को लेके अगर कोई ख़राब न्यूज़ आ जाती है। तो उस शेयर को हम बेच देते है। बिना एनालिसिस किये बिना उसका अभ्यास किये सिर्फ न्यूज़ को देखकर हम उस शेयर को बेच देते हे। ये हमारी सबसे बड़ी गलती है।

    स्टेटर्जी को फॉलो नहीं करना –

    अगर स्टेटर्जी में stoploss लगाना हे। तो स्टॉपलॉस लगनाहि जाहिए। कयी लोग क्या करते हे ,जब शेयर की प्राइज निचे जनि लगाती हे ,तो स्टॉपलॉस निकल देते है। स्टॉपलॉस लगाने की भी एक स्टेटर्जी होती हे अगर आप स्टॉपलॉस निकल देंगे तो बड़ा नुकसान होना तय हे।

    टिप पे शेयर खरीदना

    किसी के दिए हुए टिप से शेयर को खरीदना। किसीने बताया इस शेयर को खरीदो बस खरीद लिया। ना उसका कुछ techinical analysis किया। नाही उसका सपोर्ट ,रेजिस्टेंस देखा बस टिप पे खरीद लिया। ये भी हमें बड़ा नुकसान दे सकता है।

    अभ्यास नहीं करना –

    किसी भी स्टेटर्जी को इस्तेमाल करने से पहले उसे जान लो। उसका बैकटेस्ट करो। पेपर ट्रेडिंग करो। उसका अभ्यास करो अगर रिजल्ट अच्छा आये तभी उस स्टेटर्जी पर ट्रेड करो।

    swing trading statergy

    swing trading in hindi

    swing trading in hindi

    स्विंग ट्रेडिंग में आप एक चैनल का इस्तेमाल कर सकते है। जैसे की ऊपर चार्ट में दिख रहा है। शेयर प्राइज निचे आने पर उसे buy कीजिये। और ऊपर जाने पर दीजिये। कैसे की चार्ट में दिया गया हे वैसे ही। स्टॉक की प्राइज एक रंग में ऊपर की और जारही हे।

    आपको काम समय में ज्यादा प्रॉफिट कमाना हे तो इसिहि स्टेटर्जी का इस्तमाल कीजिये। एक ऐसा शेयर ढूंढिए जो इस रेंज में चल रहा हो। और फिर उसमे स्विंग ट्रेडिंग कीजिये। और आपका स्टॉपलॉस हमेशा ट्रेंडलाइन के निचे लगाइये।क्यूंकि अगर स्टेटर्जी फेल भी गयी तो ज्यादा नुकसान नहीं होगा।

    suport & resistance statergy

    swing trading in hindi

    swing trading in hindi

    शेयर का प्राइज एक ऐसे रेंज में रहता हे। जहा उसका सपोर्ट और रेजिस्टेंस होता हे। इस स्टेटर्जी को भी आप इस्तेमाल करके प्रॉफिट बना सकते हो। जैसे ही शेयर सपोर्ट को पास अत है। आप उस शेयर को खरीद सकते हो। और रेजिस्टेंस के पास जाने पर बेच सकते हो।

    सपोर्ट पर buy करो और रेजिस्टेंस पर sell करो। और आपका स्टॉपलॉस ब्लू लाइन के निचे होना चाहिए। कभी कभी स्टॉक brakout भी दे सकता है। यानि की रेजिस्टेंस को तोड़कर ऊपर जा सकता है। अगर शेयर में बुलिश मोमेंटम रहा तो। या फिर उसकी अच्छी नई आने पर शेयर रेजिस्टेंस तोड़ सकता हे। उस टाइम पर हम हमारा स्टॉपलॉस सपोर्ट से उठाकर रेजिस्टेंस के निचे लगा सकते हे। उसे ही ट्रेलिंग स्टॉपलॉस कहा जाता है.

    swing trading kaise kare

    स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए वीकेंड में स्टॉक का daily frame ,और weekly frame स्विंग ट्रेडिंग क्या है? में एनालिसिस करना चाहिए। जैसे की ऐसे स्टॉक्स ढूढने चाहिए जो की बुलिश मूमेंटम में हो। या फिर ऊपर दिए गए चार्ट के मुताबिक हो। तभी आप अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे। ऐसे बहुतसी स्टेटर्जी चार्ट में मौजूद होती है। लेकिन उन्हें सीखना पड़ता है। समझना पड़ता है। और बैक टेस्ट करके ही उनका इस्तेमाल करना पड़ता है। तब जेक आप अच्छा पैसा कमा सकेंगे।

    अगर आपको घर बैठे ऑनलाइन स्विंग ट्रेडिंग में share kaise kharide aur beche ये पता नहीं हे। तो आप हमारी पिछली पोस्ट पढ़ सकते है। उसमे हमने विस्तार में बताया है।

    आज हमने क्या सीखा

    आज हमने सीखा की swing trading in hindi क्या होता है। और स्विंग ट्रेडिंग में हम क्या क्या गलतिया करते हे। स्विंग ट्रडिंग फायदे से ज्यादा लोग गलतिया करके अपना नुकसान करते है। इसिलए हमेशा सही स्टेटर्जी का इस्तेमाल करना चाहिए।

    यकीं है की आज की ये हमारी swing trading in hindi पोस्ट आपको काफी फायदेमंद साबित हुयी होगी। और आपको ये हमारी पोस्ट पसंद आयी हो तो कृपया इसे अपने फॅमिली और दोस्तों के साथ शेयर जरूर कीजियेगा। ताकि उन्हें भी स्विंग ट्रेडिंग के बारे में जानकारी मिल सके। और अच्छा मुनाफा कमा सके।

    अगर आपको शेयर बाजार के विषय पर कोई भी सवाल हो तो आप हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर भेज सकते हे। और अगर आपको शेयर बाजार में दिलचस्पी हे। और आप स्विंग ट्रेडिंग करना चाहते हे। या आपको अपना डीमेट खाता खोलना हे ,तो आप हमे संपर्क कर सकते है। धन्यवाद !

    कम समय में चाहते हैं मोटा मुनाफा, तो आप ट्रेडिंग ऑप्शन पर लगा सकते हैं दांव

    शेयर मार्केट में ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी से मोटा मुनाफा संभव है.

    शेयर मार्केट में ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी से मोटा मुनाफा संभव है.

    शेयर मार्केट के संबंध में अक्सर ट्रेंडिंग और निवेश शब्द सुनने को मिलते हैं. हालांकि, दोनों माध्यमों में निवेशकों का मकसद पैसा कमाना ही होता है, लेकिन इनमें समय अवधि का अंतर होता है. निवेश का संबंध जहां कई वर्षों से है, वहीं ट्रेडिंग में कुछ मिनटों से लेकर कुछ साल तक के लिए पॉजिशन रखा जाता है.

    • News18Hindi
    • Last Updated : June 11, 2022, 14:52 IST

    नई दिल्ली . शेयर मार्केट संबंधित चर्चा होते ही अक्सर ट्रेंडिंग और निवेश शब्द सुनने को मिलते हैं. कई लोग ट्रेडिंग और निवेश में फर्क नहीं कर पाते हैं. तो आपको बता दें कि ट्रेडिंग और निवेश के बीच सबसे अहम अंतर समय अवधि का है. निवेश की तुलना में ट्रेडिंग में समय अवधि काफी कम होती है. ट्रेडिंग कई प्रकार की होतीं हैं और ट्रेडर्स स्टॉक में अपनी पॉजिशन बहुत कम समय तक रखते हैं, जबकि निवेश वे लोग करते हैं, जो स्टॉक को वर्षों तक अपने पोर्टफोलियो में रखते हैं. अगर आप कम समय में मोटा मुनाफा चाहते हैं, तो ट्रेडिंग आपके लिए बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकती है.

    सिक्योरिटीज की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को ट्रेडिंग कहते हैं. फाइनेंसियल मार्केट की स्थिति और जोखिम के आधार पर ट्रेडिंग की विभिन्न स्ट्रेटेजी हैं. ट्रेडर्स अपने वित्तीय लक्ष्य के हिसाब से इनका चयन करते हैं. साथ ही विभिन्न प्रकार की ट्रेडिंग से जुड़े रिस्क और लागत को भी ध्यान में रखते हैं. आइए, यहां हम उन लोकप्रिय ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी की चर्चा करते हैं, जो अधिकतर ट्रेडर अपनाते हैं.

    ये भी पढ़ें- LIC के शेयर में गिरावट से सरकार चिंतित, DIPAM सचिव बोले- अस्थायी है गिरावट

    इंट्राडे ट्रेडिंग

    शेयर बाजार में महज 1 दिन के कारोबार में भी मोटा प्रॉफिट कमाया जा सकता है. दरअसल, बाजार में एक ही ट्रेडिंग डे पर शेयर खरीदने और बेचने को इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday trading) कहते हैं. इस स्ट्रेटेजी के तहत शेयर खरीदा तो जाता है, लेकिन उसका मकसद निवेश नहीं, बल्कि 1 दिन में ही उसमें होने वाली बढ़त से प्रॉफिट कमाना होता है. इसमें चंद मिनटों से ले कर कुछ घंटे तक में ट्रेडिंग हो जाती है. हालांकि, यह जरूरी नहीं कि इंट्रोडे ट्रेडर्स को हमेशा प्रॉफिट ही होता हो. ट्रेडर्स अपना ट्रेड शेयर मार्केट बंद होने से पहले बंद करते हैं और प्रॉफिट या लॉस उठाते हैं. इसमें तेजी से निर्णय लेना होता है.

    पॉजिशनल ट्रेडिंग

    पॉजिशनल ट्रेडिंग (Positional trading) स्टॉक मार्केट की एक ऐसी ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी है, जिसमें स्टॉक को लंबे समय तक होल्ड किया जाता है. इस स्ट्रेटेजी के तहत ट्रेडर्स किसी स्टॉक को कुछ महीने से लेकर स्विंग ट्रेडिंग क्या है? कुछ साल तक के लिए खरीदते हैं. उसके बाद उस स्टॉक को बेच कर प्रॉफिट या लॉस लेते हैं. उनका मानना होता है कि इतनी अ​वधि में शेयर के दाम में अच्छी बढ़ोतरी होगी. निवेशक आमतौर पर फंडामेंटल एनालिसिस के साथ टेक्निकल ग्राउंड को ध्यान में रखकर फंडामेंटल स्विंग ट्रेडिंग क्या है? एनालिसिस के साथ टेक्निकल को ध्यान में रखकर यह स्ट्रेटेजी अपनाते हैं.

    स्विंग ट्रेडिंग

    स्विंग ट्रेडिंग (Swing trading) में टाइम पीरियड इंट्राडे से अधिक होता है. कोई स्विंग ट्रेडर अपनी पॉजिशन 1 दिन से अधिक से लेकर कई हफ्तों तक होल्ड कर सकता है. बड़े टाइम फ्रेम में वोलैटिलिटी कम होने के साथ प्रॉफिट बनाने की संभावना काफी अधिक होती है. यही कारण है कि अधिकतर लोग इंट्राडे की अपेक्षा स्विंग ट्रेडिंग करना पसंद करते हैं.

    टेक्निकल ट्रेडिंग

    टेक्निकल ट्रेडिंग (technical trading) में निवेशक मार्केट में मूल्य परिवर्तन की भविष्यवाणी करने के लिए अपने टेक्निकल एनालिसिस ज्ञान का उपयोग करते हैं. हालांकि, इस ट्रेडिंग के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं है. इसमें पॉजिशन 1 दिन से लेकर कई महीने तक रखा जा सकता है. शेयर मार्केट में कीमतों में उतार-चढ़ाव को निर्धारित करने के लिए अधिकतर ट्रेडर्स अपने टेक्निकल एनालिसिस स्किल का उपयोग करते हैं. टेक्निकल एनालिसिस के तहत देखा जाता है कि किसी खास समय अवधि में किसी शेयर की कीमत में कितना उतार-चढ़ाव आया. इस अवधि में इसकी ट्रेड की गई संख्या में क्या कभी कोई बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.

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    Trading Kya Hai – ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? सम्पूर्ण जानकारी

    Trading Kya Hai - ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है? सम्पूर्ण जानकारी

    ट्रेडिंग करने के लिए व्यक्ति घर बैठे ट्रेडिंग एप्लीकेशन पर अपने ऑनलाइन डिमैट अकाउंट अथवा ट्रेडर अकाउंट को ओपन कर सकता है और ट्रेडिंग कर सकता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि “ट्रेडिंग क्या है” और “ट्रेडिंग के प्रकार क्या है?”

    ट्रेडिंग क्या है? (Trading Kya Hai)

    ट्रेडिंग की सरल व्याख्या होती है व्यापार करना। ट्रेडिंग के अंतर्गत किसी सर्विस या फिर प्रोडक्ट का आदान प्रदान करके पैसे कमाए जाते हैं। ट्रेडिंग शब्द स्टॉक मार्केट से जुड़ा हुआ होता है।

    स्टॉक मार्केट के अंतर्गत ट्रेडिंग करके लोग किसी कंपनी के शेयर को खरीद के पैसे कमाते हैं या फिर किसी कंपनी के शेयर को खरीद करके फिर से उसे दोबारा बेच करके पैसे कमाते हैं।

    सामान्य तौर पर ट्रेडिंग 1 साल की होती है। 1 साल से अधिक हो जाने पर इसे इन्वेस्टमेंट कहा जाता है। ट्रेडिंग ऑनलाइन अधिकतर की जाती है।

    ऑनलाइन ट्रेडिंग क्या है?

    ऑनलाइन ट्रेडिंग के अंतर्गत वर्चुअल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके शेयर की खरीदी और बिक्री की जाती है।

    ऑनलाइन ट्रेडिंग करने के लिए विभिन्न वित्तीय कंपनी के द्वारा कस्टमर को सुविधा दी जाती है। ऑनलाइन ट्रेडिंग के द्वारा इक्विटी, म्यूचुअल फंड, आईपीओ, कमोडिटी, करेंसी इत्यादि की खरीदी और बिक्री की जा सकती है।

    स्विंग ट्रेडिंग क्या है?

    स्विंग ट्रेडिंग ऐसी ट्रेडिंग होती है जो 1 दिन भी जारी रह सकती है या फिर यह लगातार विभिन्न हफ्तों तक चलती रह सकती है।

    जिस व्यक्ति के द्वारा इस प्रकार की ट्रेडिंग की जाती है वह ट्रेडिंग स्टार्ट करने से पहले एक पैटर्न आने का वेट करते रहते हैं।

    इस प्रकार की ट्रेडिंग करने वाले व्यक्ति पेशेवर ट्रेडर्स नहीं होते हैं, इसकी जगह पर वह उभरते ट्रेंड और ट्रेड की पहचान करने के लिए टेक्निकल एनालिसिस और मूलभूत चीजों को एक साथ मिलाकर इस्तेमाल करते है।

    डिलीवर ट्रेडिंग क्या है?

    इस प्रकार की ट्रेडिंग में इन्वेस्टर स्टॉक को होल्ड कर सकता है अर्थात वह डिमैट अकाउंट में स्टॉक को होल्ड करके रख सकता है।

    इस प्रकार की ट्रेडिंग में कोई भी टाइम लिमिट नहीं होती है जिसका मतलब यह होता है कि व्यक्ति जब चाहे तब स्टॉक की सेलिंग कर सकता है। डिलीवर ट्रेडिंग में व्यक्ति के पास यह अधिकार होता है कि वह अपनी इच्छा के अनुसार शेयर को होल्ड कर सके।

    ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है?

    ट्रेडिंग के मुख्य 4 प्रकार हैं जिनके नाम और जानकारी निम्नानुसार है।

    Intraday trading

    शेयर मार्केट जब ओपन होता है और जब बंद होता है तो इसके बीच के दरमियान आप जो शेयर खरीद लेते हैं या फिर जिस शेयर को आप बेच देते हैं उसे ही इंट्राडे ट्रेडिंग कहा जाता है।

    यह ट्रेडिंग सेम डे में होती है। जैसे कि आपने किसी शेयर को सोमवार को खरीदा और आपने सोमवार को ही शेयर मार्केट बंद होने से पहले उसे बेच दिया तो यह इंट्राडे ट्रेडिंग कहा जाएगा।

    Swing trading

    ट्रेडिंग के ऐसे प्रकार जिसमें स्टोक को खरीद कर उसे कुछ ही दिनों में या फिर कुछ ही सप्ताह में बेच सकते हो उसे ही स्विंग ट्रेडिंग कहा जाता है। स्विंग ट्रेडिंग को ट्रेडिंग किंग भी कहते हैं।

    Short term trading

    ऐसी ट्रेडिंग जो छोटी अवधि के लिए होती है उसे ही शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग कहा जाता है। यह ट्रेडिंग कुछ सप्ताह के लिए होती है या फिर कुछ महीने के लिए होती है।

    इस प्रकार के ट्रेडिंग में व्यक्ति को अपने स्टॉक पर नजर बनाकर रखनी होती है तभी वह अपने स्टोक को मिनिमाइज कर सकता है।

    Long term trading

    लोंग टर्म ट्रेडिंग लंबे समय के लिए होती है। स्विंग ट्रेडिंग क्या है? जैसे कि 1 साल, 5 साल, 10 साल इत्यादि।

    ट्रेडिंग कैसे सीखे?

    ट्रेडिंग सीखने के लिए आप ऑनलाइन यूट्यूब वीडियो देख सकते हैं, ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं, ट्रेडिंग से संबंधित ब्लाग को पढ़ सकते हैं अथवा ट्रेनिंग से संबंधित किताबों को पढ़ सकते हैं। यूट्यूब पर बहुत सारे ट्रेडिंग वीडियो मौजूद है, आप उन्हें देख कर के ट्रेडिंग के बारे में सीख सकते हैं।

    इसके अलावा ऑनलाइन बहुत सारे कोर्स भी है जिसे करके आप ट्रेडिंग की अच्छी जानकारी हासिल कर सकते हैं, साथ ही आप ट्रेडिंग के बारे में अधिक जानकारी पाने के लिए किसी ट्रेडिंग ब्लॉग को जाकर के विजिट कर सकते हैं।

    इसके अलावा ट्रेडिंग सीखने के लिए आप शेयर मार्केट के एक्सपर्ट से मिल सकते हैं या फिर जो व्यक्ति शेयर मार्केट में काम कर रहा है उसके साथ कुछ दिन तक काम कर सकते हैं।

    ट्रेडिंग कैसे करते हैं यह कैसे काम करती है?

    ट्रेडिंग करने के लिए ट्रेडिंग के विभिन्न प्रकारों में से आप जिस प्रकार की ट्रेडिंग करना चाहते हैं उसका सिलेक्शन करना होता है।

    इसके पश्चात आपको ट्रेडिंग एप्लीकेशन अथवा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अपना डिमैट अकाउंट बनाना होता है। इसके बाद आप ट्रेडिंग की प्रक्रिया का पालन करते हुए ट्रेडिंग कर सकते हैं।

    बेस्ट ट्रेडिंग कंपनी कौन सी है?

    इंडिया में विभिन्न ट्रेडिंग कंपनी और ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है जो कस्टमर को आसान सी प्रक्रिया का पालन करते हुए ट्रेडिंग करने की सुविधा देते हैं।

    आपको बस उन ट्रेडिंग कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट अथवा और एप्लीकेशन पर जा करके अपना ट्रेडिंग अकाउंट और डिमैट अकाउंट बनाना होता है, उसके पश्चात आप जिस प्रकार की ट्रेडिंग करना चाहते हैं उस प्रकार की ट्रेडिंग कर सकते हैं।

    नीचे भारत में मौजूद कुछ प्रमुख और बेस्ट ट्रेडिंग कंपनी की लिस्ट आपको दी गई है। इनमें से किसी भी कंपनी के साथ अटैच हो करके आप ट्रेडिंग कर सकते हैं।

    ट्रेडिंग करके पैसा कैसे कमाएं?

    ट्रेडिंग से पैसा कमाने के लिए आप किसी भी कंपनी के शेयर को कम दाम में खरीदे और जब उस कंपनी के शेयर के दामों में बढ़ोतरी हो तब आप उस कंपनी के शेयर को बेच दें। इस प्रकार से आप मुनाफा कमा सकते हैं।

    हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि आपको किसी भी कंपनी के शेयर को खरीद लेना है बल्कि पूरी सावधानी के साथ आपको इस बात का एनालिसिस करना है। कि कौन सी कंपनी भविष्य में तरक्की कर सकती है और कौन सी कंपनी के शेयर भविष्य में बढ़ सकते हैं।

    आपको उसी कंपनी के शेयर को खरीदना चाहिए जो कंपनी लगातार तरक्की कर रही है क्योंकि अगर आप बिना सोचे समझे किसी भी कंपनी में पैसा लगा देंगे तो हो सकता है कि कंपनी की परफॉर्मेंस अच्छी ना हो और कंपनी घाटे में चली जाए।

    इससे आपके पैसे डूब जाएंगे। स्टार्टिंग में शेयर बाजार से पैसा कमाने के लिए आप किसी ट्रेडर की सहायता ले सकते हैं जो अनुभवी हो।

    ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट में क्या अंतर होता है?

    शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर के आप काफी अधिक पैसे कमा सकते हैं क्योंकि यहां पर पैसे कमाने की कोई भी लिमिट नहीं होती है। ट्रेडिंग 1 साल से कम की अवधि के लिए की जाती है।

    कुछ ट्रेडिंग रोजाना होती है तो कुछ ट्रेडिंग कुछ महीने के लिए या फिर कुछ सप्ताह के लिए होती है, वही जो इन्वेस्टमेंट होता है वह 1 साल से अधिक के लिए होता है और लंबे समय के लिए होता है। इन्वेस्टमेंट को लंबे समय के लिए होल्ड करके रखा जाता है।

    एक अच्छा ट्रेडर कैसे बनें?

    कहा जाता है कि किसी काम को अगर सीखना है तो उस काम के साथ जुड़ना पड़ता है या फिर उस काम को कर चुके अथवा कर रहे व्यक्ति के साथ दैनिक तौर पर कुछ समय व्यतीत करने होते हैं।

    इसलिए एक बेहतरीन ट्रेडर बनने के लिए आपको पहले से ही शेयर मार्केट में काम कर रहे अनुभवी लोगों का साथ करना है और उनके साथ लगातार शेयर मार्केट की बारीकियों को सीखना है।

    क्योंकि जो व्यक्ति पहले से ही इस फील्ड में है उससे बेहतर आपको शेयर मार्केट की जानकारी अन्य कोई भी व्यक्ति नहीं दे सकता है।

    आप अपने एक्स्ट्रा समय में चाहे तो यूट्यूब वीडियो अथवा ब्लॉग के द्वारा अपने शेयर मार्केट के ज्ञान को बढ़ा सकते हैं।

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