विदेशी मुद्रा व्यापार पर कैसे

निवेश के जोखिम को कम करने के तरीके

निवेश के जोखिम को कम करने के तरीके
Today is finance day at #COP27. Unlocking systemic change will require coordinated commitments across the entire financial system, writes Egypt’s Climate Champion Mahmoud Mohieldin (@UNenvoyMM). Read the full article below.

Rashifal 11 November 2022 : शुक्र आज करेंगे वृश्चिक राशि में प्रवेश, 4 राशियों पर कृपा, मान-सम्मान में वृद्धि, यह राशियां रहें सावधान

आज का राशिफल (Rashifal 11 November 2022) कई मायनों में महत्वपूर्ण है। ज्योतिष (Astrology) में शुक्र को महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। शुक्र ग्रह (venus transit) के अशुभ होने पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसती है। वही शुक्र देव के अशुभ होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज 11 नवंबर को शुक्र राशि परिवर्तन कर रहे हैं। इस दौरान शुक्र देव वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। आइए जानते हैं शुक्र के राशि परिवर्तन सहित अन्य राशियों पर कैसा रहेगा इसका प्रभाव। जानें 12 राशियों का भविष्यफल :-

मेष : राजनीति क्षेत्र में कार्यरत लोगों को आज अपने शत्रुओं से सावधान रहना होगा। परिवार में मांगलिक कार्यक्रम आयोजित हो सकते हैं। कारोबार कर रहे लोगों पर शत्रु हावी होंगे। स्वास्थ्य ठीक रहेगा। धन लाभ की संभावना है। रिश्तेदारों के प्रति आभार व्यक्त करेंगे। संकट के समय रिश्तेदार आपकी मदद के लिए आगे आएंगे। चीजें आपकी इच्छा के अनुसार आज होने के आसार कम हैं।जीवनसाथी के साथ समय व्यतीत हो सकता है।

वृषभ : वृषभ राशि के लिए सही कार्य और विचारों निराशा से राहत दिलाएगा। किसी की सलाह के बिना पैसा निवेश ना करें। दिलचस्प रवैया घर के माहौल को खुशनुमा करेगा। पेशेवर मुद्दों को हल करने के लिए अपने अनुभव का उपयोग करना आज आपके लिए लाभकारी साबित होगा। वाणी में मधुरता बनाए रखें। मान-सम्मान में वृद्घि होगी। कार्य क्षेत्र में आ पूरे विश्वास के साथ काम करेंगे। किसी की गलती के लिए कार्य क्षेत्र में माफी मांगनी पड़ सकती है।

मिथुन : मिथुन राशि को भूमि और प्रॉपर्टी के कामों में धन लाभ होगा। यह सप्ताह आपके लिए बेहतर साबित होगा ।अधिकारियों से संबंध बेहतर हो सकते हैं। कारोबार के लिहाज से भी यह सप्ताह बेहतर है । किसी पुराने मित्र से मुलाकात होने की संभावना बनती नजर आ रही है। लंबी यात्रा से बचने की कोशिश करें। ज्यादा खर्च करने से बचें। दुख धीरे-धीरे कम होने के आसार नजर आ रहे हैं। कार्यक्षेत्र में उन्नति के योग बन रहे हैं। आज का दिन प्रभाव और प्रताप लेकर आएगा। अच्छे कार्य से सामाजिक क्षेत्र में जन समर्थन मिलेगा।

कर्क : कर्क राशि वाली अपनी बुद्धि और विवेक से निर्णय लें कुछ गलतियों को अनदेखा ना करे। खर्च के मामले में हाथ दबा कर चलना आपके लाभदायक होगा। धन संबंधी समस्या से परेशान रह सकते हैं । चंद्रमा के मिथुन में होने से लोगों के अंदर निराशा के भाव हो सकते हैं। किसी अपने द्वारा धोखा मिलने के आसार नजर आ रहे हैं। चिंता से मुक्ति मिलेगी आर्थिक संकट में बदलाव होगा। यात्रा पर जाना पड़ सकता है। अधिकारियों से संबंध अच्छे रहेंगे। खरीद बिक्री में लाभ होने की संभावना है।

सिंह : सिंह राशि के लिए आज का दिन बेहतर साबित होगा। आर्थिक मामले में कुछ समस्याएं आ सकती है। व्यापार की खुशी योजनाओं में रुकने से परेशान होंगे। इधर-उधर के काम में ध्यान न लगाएं। चारों और आपकी प्रसन्नता का माहौल है। किसी मित्र की सेहत को लेकर परेशान हो सकते हैं। हालांकि यह परेशानी जल्द ही समाप्त हो जाएगी। धन सफलता और प्रसिद्धि के योग है। आज आपके लिए भाग्योदय का दिन हो सकता है। आपको अपने लिए क्वालिटी टाइम निकालना होगा। जीवन साथी के साथ संबंध बेहतर होंगे।

कन्या : कन्या राशि वाले को किसी की यात्रा पर जाने से पहले सामान की सुरक्षा करनी होगी। पद प्रतिष्ठा पढ़ने से मन में अहंकार की भावना जन्म ले सकती है। शुभ मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा। वाद विवाद में पड़ने से बचने होंगे वरना कानूनी अड़चन पैदा हो सकती है। ससुराल पक्ष से दिया हुआ धन आप के रिश्तो में दरार ला सकता है। सावधान रहें, रचनात्मक कार्य में लगे रहेंगे। विवाह बंधन में बनने का सही समय जल्द ही आ रहा है।

तुला : तुला राशि के लिए आज का दिन थोड़ा कमजोर है सकता है। अध्यात्म के प्रति रुचि बढ़ेगी। मन प्रसन्न रहेगा। संतान धार्मिक कार्य में हिस्सा लेंगे। संतान के व्यवहार से परेशान हो सकते हैं, कोई पुराना कर्ज आपसे वापस मांग सकता है। किए गए वादे को पूरा करने के लिए लोग आपको उकसाने की कोशिश करेंगे, वाद विवाद से बचने की निवेश के जोखिम को कम करने के तरीके सलाह दी जा रही है। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन शुभ है। प्रसिद्धि और मान्यता प्राप्त हो सकती है।

वृश्चिक : वृश्चिक राशि के प्रेम जीवन में आज कुछ खास होने की संभावना नजर आ रही है। स्वास्थ्य में चल रही समस्याओं को अनदेखा ना करें। व्यापार में साझेदारी पर सोच समझकर हस्ताक्षर करें, किसी सदस्य के भावनाओं में बहकर कोई फैसला लेना मुश्किल हो सकता है। घर के बाहर किसी अजनबी से आज आपको सावधानी बरतनी होगी। कानूनी मामले में मित्र की सलाह लेनी पड़ सकती है। संपत्ति के व्यवसाय आदि से लाभ होगा। साझेदार से फायदा होगा और रोजमर्रा के काम फायदा देने वाले होंगे, मान सम्मान में वृद्धि होगी। आर्थिक लाभ की संभावना बन रही है। कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

धनु : धनु राशि वाले के लिए आज का दिन कुछ खास रहेगा। कार्यक्षेत्र में टीम वर्क के जरिए काम करने का मौका मिलेगा। दिए गए कार्य को समय पर पूरा करेंगे। कैरियर में चल रही समस्या समाप्त होगी, विद्यार्थियों के लिए मानसिक और बौद्धिक रणनीति कामगार साबित होगी, एक्स्ट्रा एनर्जी से भरपूर रहेंगे, समय व्यतीत ना करें। पुराना लेनदेन आज आपको परेशान कर सकता है। इससे सावधान रहने की जरूरत है। बच्चों ही घर में सुख शांति का कारण बनेंगे। सम्मानजनक तरीके से आज आपका दिन गुजरेगा।

मकर : मकर राशि वाले को लेन-देन में सावधानी बरतनी होगी, जोखिम भरे काम में हाथ ना डाले, बाद में समस्या हो सकती है। कार्यक्षेत्र में मेल मिला बने रहेगा। जूनियर से आसानी से काम निकलवा पाएंगे। प्रेमी जीवन जी रहे लोगों के लिए आज का दिन बेहतर साबित होगा। सकारात्मक और सहायक मित्रों की कंपनी का मनोरंजन करेंगे। पेशेवर संपर्क विकसित करने के लिए एक अच्छा समय है।

कुंभ : व्यवसाय में नवीनता ला सकते हैं। मित्रों के सहयोग से रुका हुआ धन वापस मिलेगा। खर्चों पर नियंत्रण बनाकर रखेंगे, शिक्षा में आ रही मुश्किलों के लिए गुरुजनों से बात करें। समाज में आपको सुनिश्चित लोगों से बातचीत करेंगे। जन समर्थन मिलेगा, बुजुर्ग अपनी उर्जा का सकारात्मक उपयोग करेंगे। लेनदेन के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरते। बच्चों की चिंता का समर्थन करना होगा। लव लाइफ के लिए आज का दिन उपयुक्त है। पेशेवर प्रगति के लिए सम्मानित किया जा सकता है।

मीन : मीन राशि वाले को अनावश्यक मानसिक तनाव मिल सकता है, चिंता के कुछ संघर्ष बनते नजर आ रहे हैं। धैर्य बनाकर चलना होगा। संतान आज किसी वस्तु की मांग कर सकती है। पारिवारिक मामले में घर से बाहर ना जाने दें। जिससे आप का मजाक बन सकता है। जनसंपर्क से आज आपको लाभ मिलेगा। किसी नए व्यवसाय की योजना बना रहे हैं तो आज वह पूरी हो सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अभी कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है। पिछले निवेश में आज आपको बेहतर लाभ मिलने की संभावना है।

Inflation: भारत के इस राज्य में है सबसे कम महंगाई

Inflation: भारत के इस राज्य में है सबसे कम महंगाई

HR Breaking News (ब्यूरो) : देश के किस राज्य में सबसे कम महंगाई दर रही है ये जानकर आपको हैरानी होगी. सरकार के महंगाई दर के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में रहने वाले लोगों ने देश में सबसे कम साल-दर-साल 2.99 फीसदी महंगाई का सामना किया, जबकि तेलंगाना के लोगों को सबसे अधिक 8.82 फीसदी का सामना करना पड़ा.


ये राज्य निवेश के जोखिम को कम करने के तरीके रहे दूसरे और तीसरे स्थान पर


उच्च महंगाई दर के क्रम में आंध्र प्रदेश 7.93 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर आता है, जबकि हरियाणा 7.79 फीसदी की निवेश के जोखिम को कम करने के तरीके महंगाई दर दर के साथ तीसरे स्थान पर है. हिमाचल प्रदेश के लोगों ने पिछले महीने देश में दूसरी सबसे कम महंगाई दर दर 4.42 फीसदी का सामना किया और पंजाब 4.52 फीसदी के साथ रहा. केंद्र सरकार के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर या उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) महंगाई दर अक्टूबर 2022 में घटकर 6.77 फीसदी हो गई, जो सितंबर 2022 में 7.41 फीसदी थी.


केयर रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री ने क्या कहा


महंगाई दर के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए केयर रेटिंग्स की मुख्य अर्थशास्त्री रजनी सिन्हा ने आईएएनएस को बताया कि, खुदरा महंगाई दर तीन महीने के निचले स्तर 6.8 फीसदी पर आ गई है जो मोटे तौर पर हमारी उम्मीदों के अनुरूप है.

नरमी मुख्य रूप से एक मजबूत आधार के नेतृत्व में है. खाद्य के प्रमुख योगदानकर्ता होने के साथ क्रमिक मूल्य गति में तेजी आई. उन्होंने कहा कि सीपीआई कोर ऊंचा और 6.2 फीसदी पर अपरिवर्तित था, जो निरंतर मांग-संचालित दबावों को दर्शाता है.


सिन्हा ने कहा, आगे बढ़ते हुए आधार प्रभाव शुरू होने के साथ, हम उम्मीद कर सकते हैं कि महंगाई दर धीरे-धीरे कम हो जाएगी. वैश्विक वस्तुओं की कीमतों में कमी और घरेलू डब्ल्यूपीआई महंगाई दर भी सीपीआई महंगाई दर में मॉडरेशन (नरमी) का समर्थन करती है.

हालांकि, उत्पादक निकट अवधि में अंतिम उपभोक्ताओं को कमोडिटी की कीमतों को कम करने के लाभों को पूरी तरह से पारित नहीं कर सकते हैं. उनके मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अपनी आगामी दिसंबर की नीति बैठक में कम आक्रामक हो सकता है और 35-बीपीएस की दर में वृद्धि कर सकता है. फिर भी, खाद्य महंगाई दर में अस्थिरता के प्रभाव और आयातित महंगाई दर पर विनिमय दर के प्रभाव की बारीकी से निगरानी करने की जरूरत है.


महंगाई दर के पूर्वानुमान को संशोधित किया गया


सिन्हा ने कहा, खाद्य महंगाई दर के बढ़ते जोखिम को ध्यान में रखते हुए, हमने वित्तवर्ष 2023 के लिए अपने महंगाई दर पूर्वानुमान को संशोधित कर 6.8 फीसदी (पहले 6.5 फीसदी) कर दिया है.

हमें उम्मीद है कि चालू वित्तवर्ष की तीसरी तिमाही में महंगाई दर औसतन 6.6 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.2 फीसदी रहेगी. इस वित्तवर्ष के अंत तक ही सीपीआई महंगाई दर 6 फीसदी से नीचे आ सकती है.

निवेश के जोखिम को कम करने के तरीके

WORLD DIABETES DAY: इस दिन ही क्यों मनाया जाता है विश्व मधुमेह दिवस, जानें इसका पूरा इतिहास

नई दिल्ली: हर साल वर्ल्ड डायबिटीज डें, 14 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को डायबिटीज से जागरुक करना है। रोजमर्रा की जिंदगी में हम कुछ न कुछ ऐसा खा ही लेते है जो हमारे शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है ऐसे में हमारा शरीर में कई बीमारियां अपना घर बना लेती है। जिससे हर घर में दूसरा सद्स्या इस बीमारी से ग्रस्त है।

शुगर का बढ़ना मानों हमारे शरीर में बीमारियों का आना। शुगर हमारे शरीर में आंखों से लेकर किडनी, हृदय और पाचन अंगों के लिए मुश्किलें देता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी उम्र के लोगों को इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के जोखिम को कम करने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। डायबिटीज के बढ़ते जोखिम के बारे में लोगों को जागरूक करने और इससे बचाव के उपायों के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस के रूप में मनाया जाता है।

वर्ल्ड डायबिटीज डे की कहा से हुई शुरुआत

इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 1991 में हुई थी। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन और विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने लोगों के बीच मधुमेह के बारे में जागरूकता फैलाने के मकसद से इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी। 14 नवंबर 1922 को इंसुलिन की खोज करने वाले वैज्ञानिक सर फ्रेडरिक बैंटिंग का जन्मदिन होता है। शरीर में शुगर की मात्रा को सही रखने में इंसुलिन बहुत बड़ा काम करता है। ऐसे में 2014 में विश्र्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, करीब 422 मिलियन लोग डायबिटीज के मरीज है।

इस दिन पर रखी गई थीम

इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (International Diabetes Federation) हर साल वर्ल्ड डायबिटीज डे को मनाने के लिए एक खास थीम रखता है। इस साल की थीम है 'डायबिटीज केयर तक पहुंच, यदि अभी नहीं, तो कब?' है। ऐसा माना जाता है कि दुनिया में हर 10 में से एक Adult डायबिटीज की समस्या से पीड़ित होता है। यह लोगों के बीच एक महामारी की तरह फैल रही है। यह दिल, दिमाग, किडनी, आंख आदि की अंगों पर बहुत बुरा प्रभाव डालती है। यह कई बार बहुत जानलेवा भी साबित हो सकता है। ऐसे में हम पौष्टिक भोजन, दिनचर्या में व्यायाम और जीवन में संतुलन के जरिए खुद को डायबिटीज से दूर रखा जा सकता है।

कॉप27: जीवाश्म ईंधन से दूर हटकर, समुदाय-समर्थित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश का आहवान

मिस्र के शर्म अल-शेख़ में जारी यूएन जलवायु सम्मेलन, कॉप27, के दौरान बुधवार को किसी एक ख़ास विषय पर आधारित कार्यक्रम दिवस आरम्भ हुए और सबसे पहले जलवायु वित्त पोषण की थीम पर चर्चा हुई. जलवायु कार्यकर्ताओं ने शुरुआत में ही स्पष्ट कर दिया था कि हर वर्ष जीवाश्म ईंधन में निवेश किये जाने वाले सैकड़ों अरबों डॉलर का उपयोग, अब सामुदायिक नेतृत्व में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को सहायता प्रदान करने के लिये किया जाना होगा.

Today is finance day at #COP27. Unlocking systemic change will require coordinated commitments across the entire financial system, writes Egypt’s Climate Champion Mahmoud Mohieldin (@UNenvoyMM).

Read the full article below.

सभी आयु-वर्ग और पृष्ठभूमि से आने वाले लगभग 50 कार्यकर्ता ‘ब्लू ज़ोन’ में जुटे, जोकि शर्म अल-शेख़ में सम्मेलन स्थल का मुख्य हिस्सा है, और जिसकी देखरेख का दायित्व संयुक्त राष्ट्र का है.

ये सभी कार्यकर्ता अपना विरोध प्रकट करते हुए “जीवाश्म ईंधन में निवेश बन्द करने और मौत में निवेश रोके जाने” के लिये नारे लगा रहे थे.

Oil Change International नामक एक ग़ैर-सरकारी संगठन का प्रतिनिधित्व कर रहीं सूज़न हुआंग ने क्षोभ प्रकट किया कि सम्पन्न देश अब भी, जीवाश्म ईंधन में धनराशि का निवेश कर रहे हैं, और यह ऐसे समय में हो रहा है जब विश्व को तत्काल नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में बढ़ने की आवश्यकता है.

“पिछले वर्ष जी7 शिखर बैठक के दौरान, इस वर्ष के अन्त तक जीवाश्म ईंधन के लिये सार्वजनिक वित्त पोषण को बन्द किये जाने पर सहमति बनी थी.”

“मगर, अन्तरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने बताया है कि नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में धीमी गति से बढ़ना ही वास्तविकता में जलवायु संकट और ऊर्जा संकट को गहरा कर रहा है.”

उन्होंने यूएन न्यूज़ के साथ बातचीत में विश्व नेताओं से अब तक लिये गए संकल्पों को पूरा करने और जीवाश्म ईंधन में सार्वजनिक वित्त पोषण को रोकने का आग्रह किया.

जलवायु कार्यकर्ताओं ने ध्यान दिलाया कि इन निवेशों से अविश्वसनीय क्षति पहुँचती है, जैवविविधता बर्बाद होती है और दुनिया भर में आजीविकाएं भी तबाह हो जाती हैं.

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि विश्व भर में ऊर्जा सुलभता बढ़ाने और सर्वाधिक निर्बलों की ज़रूरतों को पूरा करने का सर्वोत्तम उपाय, समुदायों द्वारा समर्थित नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं में निवेश करना है.

प्रदूषकों की जवाबदेही के लिये उपाय

इस बीच, नज़दीक में ही हो रहे एक अन्य आयोजन में, यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने आगाह किया कि सरकारों और वित्तीय सैक्टर द्वारा अब भी जीवाश्म ईंधन में निवेश किया जा रहा है.

यूएन के शीर्षतम अधिकारी ने यह बात ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का स्वतंत्र रूप से लेखाजोखा रखने वाली एक व्यवस्था को पेश किये जाने पर कही, जिसे जलवायु TRACE गठबंधन ने अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति ऐल गोर के नेतृत्व में तैयार किया है.

इस औज़ार के ज़रिये सैटेलाइट से प्राप्त डेटा और कृत्रिम बुद्धिमता के सम्मिश्रण से विश्व भर में 70 हज़ार से अधिक स्थलों पर उत्सर्जनों को दर्शाया जाएगा.

इन स्थलों में चीन, अमेरिका और भारत में स्थित कम्पनियाँ भी हैं, जिससे नेताओं के पास उत्सर्जन कर रहे स्थलों के बारे में जानकारी जुटा पाना सम्भव होगा.

महासचिव गुटेरेश ने बताया कि इस पहल के तहत जिन आँकड़ों को जारी किया गया है, वे बताते हैं कि मीथेन लीक और तेल व गैस उत्पादन से जुड़ी अन्य गतिविधियों में उत्सर्जन की वास्तविक मात्रा को कम करके आंका जा रहा है, जबकि वो अब तक अनुमानित आंकड़े से कईं गुना अधिक हैं.

ऐल गोर ने बताया कि जलवायु TRACE पहल के लिये 100 से अधिक संस्थानों और 30 हज़ार से अधिक सेंसर के ज़रिये विश्वसनीय व सत्यापित आँकड़ों को जुटाया जाएगा, जिससे सरकारों को कार्रवाई में मदद मिलेगी, और उत्सर्जकों के लिये बेईमानी करना, बहुत मुश्किल हो जाएगा

अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति ऐल गोर लम्बे समय से जलवायु कार्रवाई के मुद्दे पर सक्रिय हैं.

आपदाओं की बड़ी क़ीमत

ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर जानकारी प्रदान करने वाले इस उपाय को पेश करते हुए, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ऐल गोर ने विश्व भर में जलवायु तबाही की घटनाओं के बारे में भी सचेत किया.

ऐल गोर को जलवायु कार्रवाई के लिये शुरुआती पैरोकारों के रूप में देखा जाता है. उन्होंने कार्यक्रम के दौरान निवेश के जोखिम को कम करने के तरीके निवेश के जोखिम को कम करने के तरीके प्रतिभागियों के लिये विशाल स्क्रीन पर परमाणु बम विस्फोट का एक वीडियो चलाया.

इसका उद्देश्य जिज्ञासु प्रतिभागियों को यह बताना था कि वातावरण में एकत्र हो रहा ग्रीनहाउस गैस प्रदूषण, उतना ही अतिरिक्त ताप समेटता है, जितना छह लाख परमाणु बम हर दिन विस्फोट होने पर करते.

ऐल गोर ने ने कहा कि दो महीने पहले सितम्बर में यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने हमें योरोप में ताप लहर, पाकिस्तान में बाढ़ और अन्य इलाक़ों में गम्भीर सूखे की घटनाओं के बारे में बताया था.

और उन्होंने इसे मानवता के जीवाश्म ईंधन के प्रति लत से जोड़ा था, जोकि सही है.

पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति और पर्यावरण पैरोकार ने कहा कि इन आपदाओं से वैश्विक अर्थव्यस्था को हर साल ढाई हज़ार अरब डॉलर का नुक़सान पहुँच रहा है.

लेकिन, उन्होंने कहा कि दुनिया अब एक ऐसे पड़ाव पर है, जहाँ हालात को बदलने और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश को बढ़ावा देने के लिये समाधान मौजूद हैं.

जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिये वित्तीय संसाधन व निवेश की आवश्यकता है.

अन्य संकल्प व पहल

वित्त पोषण पर केंद्रित दिवस पर जलवायु संकट से निपटने के लिये आवश्यक त्वरित बदलावों के लिये हज़ारों अरब डॉलर के निवेश की अहमियत को रेखांकित किया गया है.

सम्मेलन स्थल पर विभिन्न कक्षों, पैवेलियन, बन्द दरवाज़ों में हुई बैठकों में प्रतिनिधियों, निवेशकों और अन्य हितधारकों ने मौजूदा वित्त पोषण की खाई को पाटने पर बल दिया, विशेष रूप से कार्बन निवेश के जोखिम को कम करने के तरीके उत्सर्जन में कटौती, अनुकूलन और हानि व क्षति के मुद्दे पर

बुधवार को, न्यूज़ीलैंड दो करोड़ डॉलर के संकल्प के साथ उन देशों की सूची में शामिल हो गया, जिन्होंने हानि व क्षति के मुद्दे पर विकसशील देशों के लिये वित्त पोषण प्रदान करने का वायदा कियाहै.

स्कॉटलैंड, नॉर्वे, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम पहले ही निम्न कार्बन उत्सर्जन के बावजूद बड़े जलवायु जोखिमों का सामना करने वाले देशों की सहायता के लिये घोषणा कर चुके हैं.

इस बीच, ब्रिटेन ने जलवायु आपदाओं से जूझ रहे देशों के लिये कर्ज़ भुगतान अवधि को बढ़ाने की अनुमति देने की बात कही है.

टिकाऊ बीमा पर नैरोबी घोषणापत्र के तहत अफ़्रीका जलवायु जोखिम केंद्र, नामक एक पहल को भी शुरू किया गया है, जिसके हस्ताक्षकर्ताओं ने वर्ष 2030 तक जलवायु जोखिमों के लिये 14 अरब डॉलर की कवरेज देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है.

Dear Readers,
As an independent media platform, we do not take advertisements from governments and corporate houses. It is you, our readers, who have supported us on our journey to do honest and unbiased journalism. Please contribute, so that we can continue to do the same in future.

रेटिंग: 4.21
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 277
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *