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इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023

इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023
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व्यापार में सुगमता और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों का अनुपालन बोझ कम करने के लिए कानूनी माप तोल नियमों में संशोधन

केंद्र ने व्यापार में सुगमता और इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों का अनुपालन बोझ कम करने के लिए कानूनी माप तोल (पैकेज्ड सामान) नियमों में संशोधन किया है। संशोधन से उद्योग को क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल रूप में सूचना दे सकेंगे। उपभोक्ता कार्य विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को एक वर्ष की अवधि के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से कुछ अनिवार्य घोषणाओं को जारी करने की अनुमति दी है। इस संशोधन से महत्वपूर्ण घोषणाएं पैकेट पर प्रभावी ढंग से घोषित करने की अनुमति मिल जाएगी।

संशोधन

  • इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को एक वर्ष की अवधि के लिये क्यूआर (त्वरित प्रतिक्रिया) कोड के माध्यम से कुछ अनिवार्य घोषणाओं को घोषित (यदि पैकेज में ही घोषित नहीं किया गया है) करने की अनुमति देता है।
  • विकल्प एक साल के लिये दिया गया है क्योंकि सरकार पायलट आधार पर पहली बार प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की कोशिश कर रही है और प्रतिक्रिया के आधार पर इसे बढ़ाने का फैसला करेगी।
  • हालाँकि उद्योग को पैकेज पर ही अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), फोन नंबर और ई-मेल पता जैसे अनिवार्य विवरण घोषित करने होंगे।
  • क्यूआर कोड के माध्यम से अतिरिक्त अनिवार्य घोषणाएँ जैसे निर्माता का पता, वस्तु का सामान्य नाम, वस्तु का आकार और आयाम व ग्राहक सेवा की अनुमति है।
  • इससे पहले, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों सहित सभी पूर्व-पैक वस्तुओं के पैकेज पर लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 कमोडिटीज़), नियम 2011 के अनुसार सभी अनिवार्य घोषणाओं को घोषित करना आवश्यक है।

विधिक माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज़) नियम 2011

मौजूदा संकट स्वच्छ ऊर्जा की ओर जाने के लिए एक अवसर: पीयूष गोयल

भारतीय रेलवे का लक्ष्य दिसंबर, 2023 तक 100 प्रतिशत विद्युतीकरण और 2030 तक शून्य उत्सर्जक बनने का है। 2008-09 के वित्तीय संकट के बाद कुल प्रोत्साहन उपायों में हरित पहल का हिस्सा करीब 16 प्रतिशत

Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: September 21, 2020 23:40 IST

स्वच्छ ऊर्जा को. - India TV Hindi

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स्वच्छ ऊर्जा को बढावा देने पर जोर

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 को कहा कि मौजूदा संकट स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव के लिए इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 एक अवसर है। गोयल के पास रेल मंत्रालय का भी प्रभार है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का लक्ष्य दिसंबर, 2023 तक 100 प्रतिशत विद्युतीकरण और 2030 तक शून्य उत्सर्जक बनने का है। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार गोयल ने ‘कोविड-19 के बाद सतत पुनरोद्धार’ पर एक रिपोर्ट को पेश किए जाने के मौके पर 18 सितंबर को यह बात कही। यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) तथा नीति आयोग ने तैयार की है। मंत्री ने कहा, ‘‘यह सही समय है जबकि हम आगे बढ़कर खुद को एक जुझारू तथा सतत भविष्य के लिए तैयार कर सकते हैं। रिपोर्ट में यही उल्लेख इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 किया गया है। मौजूदा संकट का इस्तेमाल स्वच्छ ऊर्जा की ओर सुगम, तेज और जुझारू तरीके से रुख करने के किया जा सकता है।’’ इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमिताभ कान्त ने कहा कि 2008-09 के वित्तीय संकट के बाद कुल प्रोत्साहन उपायों में हरित पहल का हिस्सा करीब 16 प्रतिशत है। उन्होंने कहा, ‘‘महामारी से उबरने के लिए हमें स्वच्छ निवेश के लिए अधिक महत्वाकांक्षी और निर्णायक होना चाहिए।’’ रिपोर्ट में कई ऐसे क्षेत्रों को जिक्र है जो आने वाले समय में रोजगार बढ़ाने में मदद करेंगे, इसमें बिजली, यातायात, इमारतें, स्वच्छ ऊर्जा और इनोवेशन है, इन क्षेत्रों में सरकारी नीतियों और निवेश की मदद से अर्थव्यवस्था को काफी फायदा होगा और नए रोजगार भी मिलेंगे।

पिछले महीने के अंत में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने कहा था कि सभी के लिए सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा सुनिश्चित करने के सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत एक बड़ा कारोबारी केंद्र बन सकता है। उन्होने कहा इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 था कि नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को बढ़ाने के फैसले से भारत और अधिक विदेशी निवेशकों को अपनी ओर आकर्षिक करेगा।

E-Commerce Policy में होगा बदलाव, ऑनलाइन साइट्स को बताना होगा प्रोडक्ट Made in India है या नहीं

e commerce sites

नई दिल्ली: आर्थिक राहत पैकेज ( Financial Stimulous package ) की घोषणा करते वक्त प्रधानमंत्री मोदी ( pm modi ) ने लोकल के लिए वोकल ( Vocal For Local ) होने की बात कही थी और स्वदेशी के लिए तो ये सरकार पहले से ही अपनी आवाज बुलंद करती रही इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 है। अब सरकार इस दिशा में एक और कदम उठाने जा रही है। दरअसल सरकार ई-कॉमर्स पॉलिसी ( E-Commerce Policy ) में बदलाव करने जा रही है। इस बदलाव के बाद ऑनलाइन साइट्स को अपनी साइट्स पर बिकने वाले सामान के निर्माण के बारे में बताना होगा। यानि प्रोडक्ट डीटेलिंग ( Product detailing ) ( में उसके मैनुफैक्चरिंग डीटेल कि वो मेड इन इंडिया ( Made In India ) है या कही और बना है ये बताना होगा।

कहा जा रहा है कि सरकार बॉयकॉट चायनीज प्रोडक्ट ( Buycott CHINESE PRODUCT ) के तहत ये कदम उठा रही है। दरअसल चीन द्वारा सीमा पर मुठभेड़ के बाद से चायनीज प्रोडक्ट के बॉयकॉट की मांग तेजी से उठ रही है। सरकार भी चीन से आयात कम करने के लिए व्यापक योजना बना रही है। इसके तहत ई-कॉमर्स कंपनियों ( E Commerce companies ) के लिए जल्दी ही यह बताना अनिवार्य बनाया जा सकता है कि जो माल वे बेच रही हैं, वह भारत में बना है या नहीं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय फिलहाल इस प्रस्ताव को तैयार कर रहा है।

चीन का है भारी-भरकम व्यापार-

31 मार्च 2020 को समाप्त वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों के दौरान चीन का भारत के साथ ट्रेड इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 सरप्लस करीब 47 अरब डॉलर रहा है। भारत खिलौनों, घरेलू सामानों, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं और सौंदर्य प्रसाधनों की एक बड़ी मात्रा चीन से आया त करता है। हमारे कुछ Import में रिटेल ट्रेडर्स ( Retail Traders ) की हिस्सेदारी करीब 17 अरब डॉलर है।

अप्रैल 2019 से इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 फरवरी 2020 के बीच चीन से भारत ने 62.4 बिलियन डॉलर करीब 4.7 लाख करोड़ रुपए की वस्तुओं का आयात किया है। वहीं, भारत से चीन ने 15.5 बिलियन डॉलर यानि लगभग करीब 1.1 लाख करोड़ रुपए की वस्तुओं का आयात किया है।

At last

इंटरनेशनल इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन (आईसी) की बैठक हाल ही में सैन फ्रांसिसको, अमेरिका में हुई थी, जिसमें आईसी के सभी सदस्यों ने मतदान किया था। इसमें भारत को 90 प्रतिशत से अधिक मत मिले थे। आईसी में भारत के प्रतिनिधि और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की इलेक्ट्रॉनिक वाणिज्य 2023 विभिन्न तकनीकी समितियों को चुना गया।

बीआईएस ने इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर स्टैंडर्डाइजेशन (आईएसवो) और आईसी की नीति तथा प्रशासनिक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व किया। उसने सुनिश्चित किया कि महत्त्वपूर्ण रणनीतिक और नीतिगत विषयों पर भारत के नजरिये को समझा जाये। उसने राष्ट्रीय मानकीकरण के अंतर्राष्ट्रीय उत्कृष्ट व्यवहारों के साथ सामन्जस्य के लिये अवसर भी उपलब्ध कराये।

बीआईएस लगातार वाणिज्य और उद्योग, उपभोक्ता कार्य, खाद्य व सार्वजनिक वितरण तथा कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल द्वारा प्रतिपादित विकास-मंत्र पर अमल करते हुये अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है, जिनमें आईएसओ परिषद, आईएसओ तकनीकी प्रबंधन बोर्ड, आईसी एसएमबी, आईसी बाजार रणनीति बोर्ड (एमएसबी), आईसी व्यापार सलाहकार समिति (बीएसी) आदि शामिल हैं।

आईसी एक अंतर्राष्ट्रीय मानक प्रतिष्ठान है, जो सभी इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक और सम्बंधित प्रौद्योगिकियों के लिये अंतर्राष्ट्रीय मानक तय करता है। मानकीकरण प्रबंधन बोर्ट आईसी का सर्वोच्च प्रशासनिक निकाय है, जो तकनीकी नीतिगत विषयों की जिम्मेदार है।

श्री विमल महेन्द्रू भारत का प्रतिनिधित्व करते हुये आईसी के उपाध्यक्ष होंगे।

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