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मुख्य मॉडल

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Key Points

Himachal News: मुख्य सचिव की मौजूदगी में बैठक, ओल्ड पेंशन पर एनपीएस संघ से मांगा मॉडल

ओल्ड पेंशन की बहाली को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में एनपीएस संघ को इस बारे में मॉडल सबमिट करने को कहा गया है। इसके साथ ही न्यू पेंशन स्कीम कंट्रीब्यूशन के रिटर्न और डाटा पर डीसी मंडी अरिंदम चौधरी की अध्यक्षता मुख्य मॉडल मुख्य मॉडल में इंटरनल एडवाइजरी ग्रुप बनाया गया है, जो एनपीएस संघ द्वारा दिए गए डाटा मुख्य मॉडल का विश्लेषण करेगा और अपनी रिपोर्ट सरकार को देगा। डीसी मंडी एनपीएस संघ के पदाधिकारियों से इस बारे में अलग से बैठक करेंगे। यह बैठक मंडी में भी हो सकती है। बैठक में एनपीएस संघ की ओर से रखा गया ओल्ड पेंशन मुख्य मॉडल का डाटा वित्त विभाग के आंकड़ों से मैच नहीं कर रहा था, इसलिए मुख्य सचिव ने डीसी मंडी अरिंदम चौधरी की ड्यूटी लगाई है। डाटा की वेरिफिकेशन और एनपीएस संघ की ओर से आने वाले मॉडल के बाद हाई पावर कमेटी की बैठक दोबारा होगी। सरकार ने तब तक एनपीएस संघ को किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन न करने के लिए कहा है।

भारतीय संसद मुख्य रूप से _____ के मॉडल पर आधारित है।

Key Points

  • भारतीय संसद
    • कार्यपालिका और विधायिका के बीच संबंधों के आधार पर, लोकतांत्रिक सरकार की दो प्रमुख प्रणालियाँ विकसित की गई हैं - संसदीय प्रणाली और राष्ट्रपति प्रणाली।
    • भारत ने ब्रिटिश वेस्टमिंस्टर मॉडल के अनुरूप सरकार के संसदीय स्वरूप को अपनाया है।
    • संसदीय प्रणाली को कैबिनेट प्रणाली जिम्मेदार सरकार या प्रधान मंत्री मॉडल के रूप में भी जाना जाता है।
    • भारत की संसद मुख्यतः ब्रिटिश संसद के मॉडल पर आधारित है। अत: विकल्प 2 सही है।
    • एक संसदीय प्रणाली सरकार का एक रूप है जहां कार्यकारी विधायिका (आमतौर पर लोगों के निर्वाचित सदन) के बहुमत के समर्थन के साथ सत्ता में रहते हैं।
    • भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, हमारा संविधान ब्रिटिश संसदीय प्रणाली पर आधारित है, जहां लोक सभा के विश्वास को बनाए रखते हु ए सरकार की नीति के निर्माण और कानून में इसके प्रसारण के लिए कार्यपालिका को प्राथमिक जिम्मेदारी माना जाता है।
    • अनुच्छेद 74 और 75 केंद्र के लिए संसदीय प्रणाली प्रदान करते हैं।
    • अनुच्छेद 163 और 164 राज्यों के लिए संसदीय प्रणाली प्रदान करते हैं।
    • राष्ट्रपति प्रणाली के विपरीत, इस प्रणाली में, कार्यकारी विधायिका में बैठते हैं क्योंकि वे विधायिका का हिस्सा होते हैं।
    • जब तक उन्हें विधायिका के निचले सदन का समर्थन प्राप्त है, तब तक कार्यकारी शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं और पद पर बने रह सकते हैं।
    • भारत में, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
    • सामूहिक उत्तरदायित्व का मुख्य मॉडल अर्थ है कि लोकसभा के प्रति अपने कार्यों के लिए मंत्रिपरिषद की संयुक्त जिम्मेदारी है।
    • भले ही एक मंत्री द्वारा निर्णय लिया गया हो, सामूहिक जिम्मेदारी के सिद्धांत के तहत पूरी मंत्रिपरिषद की जिम्मेदारी है।

    पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रधानमंत्री के प्रशासनिक मॉडल की पहचान : जितेंद्र सिंह

    कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री डॉक्‍टर जितेंद्र सिंह मुख्य मॉडल ने कहा है कि पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक केंद्रित सेवाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासनिक मॉडल की पहचान बन गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत को शासन का एक “टिकाऊ” मॉडल दिया है। डॉक्‍टर सिंह ने आज दिल्ली में एक निजी कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि केंद्र में कार्यभार संभालने के तीन महीने में मोदी सरकार का बड़ा फैसला स्व-सत्यापन प्रस्‍तुत करना था। डॉक्‍टर सिंह ने मुख्य मॉडल रेखांकित किया कि मोदी सरकार ने 1500 से अधिक अप्रचलित और शासन में बाधा डालने वाले नियमों को समाप्‍त कर दिया है।

    डॉक्‍टर सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को श्री मोदी ने निजी भागीदारी के लिए खोल दिया है, इसलिए स्टार्ट-अप की नई संभावनाएं खुल गई हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में 102 स्टार्ट-अप अंतरिक्ष क्षेत्र, नैनो-उपग्रह, प्रक्षेपण यान और अनुसंधान आदि के अत्याधुनिक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

    मुख्य सचिव ने इंटर मॉडल रेलवे स्टेशन तथा रोप-वे परियोजना का किया स्थलीय निरीक्षण

    वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दौरान शनिवार को काशी रेलवे स्टेशन पर बनने वाले इंटर मॉडल रेलवे स्टेशन तथा काशी में बनाने वाले अति महत्वाकांक्षी रोप-वे परियोजना का कैंट स्टेशन के पास प्रस्तावित टर्मिनल स्टेशन की भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया।
    निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद रेलवे बोर्ड के सदस्य (इंफ्रा) सुधांशु शर्मा के साथ उन्होंने मुख्य परिसर स्थित यात्री आश्रय गृह के समीप चिंहित भूमि को देखा। रेल अफसरों ने मुख्य सचिव को विकल्प के तौर पर आरएमएस कॉलोनी और ऑटो रिक्शा प्रीपेड स्टैंड का नाम भी सुझाया। हालांकि, रेलवे के पास पर्याप्‍त जमीन होने की वजह से यहीं रोपवे के शुरुआती टर्मिनल को बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने स्टेशन निदेशक कार्यालय में रेल अधिकारियों के साथ परियोजना के बाबत चर्चा की। जहां फ्लाईओवर से रोपवे की ऊंचाई के हिसाब से बेस तैयार करने पर मंथन हुआ।
    बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देश का पहला शहरी रोप-वे व्‍यवस्‍था होने जा रहा है। रोप-वे कैंट रेलवे स्टेशन से शहर के हृदय स्थल गोदौलिया चौराहे तक जायेगा। इसकी कुल दूरी 3.8 किलोमीटर तक होगी। इस दूरी के बीच में पांच प्रमुख रेलवे स्टेशन (कैंट, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरिजाघर और गोदौलिया) होंगे। इसके लिये अन्य प्रकिया पूरी होने के बाद जल्‍द ही इसे जमीन पर उतारने की तैयारी की जायेगी। रोप-वे को जमीन पर उतारने के लिये ही मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा वाराणसी आकर पूरी तैयारी से अवगत होने के साथ ही परियोजना स्थल का भी निरीक्षण किया। वही वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन को इंटर मॉडल रेलवे स्टेशन के रूप में डेवलप करने का प्रोजेक्ट बनाया गया हैं। अब इस पर जल्द काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। 2,200 करोड़ रुपये की लागत से इस स्टेशन को जल, थल और रेल नेटवर्क से जोड़ने की प्लानिंग हैं। इस स्टेशन का कायाकल्प मुख्य मॉडल शुरू हो गया है।स्टेशन की सजावट के साथ ही स्टेशन के इंटरनल और आउटर एरिया को डेवलप किया जा चुका है। इसके बाद अब काशी स्टेशन से सीधे रोड को कनेक्ट करते हुए रास्ते को सीधे गंगा से जोड़ा जा रहा है। इसके पीछे मकसद यह है कि उत्तर प्रदेश में पहला ऐसा स्टेशन इंटर मॉडल रूप में डेवलप करना, जो सिर्फ रेल नेटवर्क से ही नहीं बल्कि जल, थल और रेल तीनों नेटवर्क से कनेक्ट होगा। स्टेशन के अंतिम छोर से सीधे रोड निकाल कर उसे नमो घाट के अलावा रामनगर स्थित जाहलुपुर बंदरगाह से कनेक्ट किया जाएगा। इस परियोजना के बाबत भी उन्होंने स्थलीय निरीक्षण कर रेलवे के अधिकारियों जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा- निर्देश दिये।
    तत्पश्चात मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर दोनों परियोजनाओं के प्रगति की गहन एवं विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य को युद्धस्तर पर अभियान चलाकर निर्धारित समयावधि में मानक के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ कराए जाने हेतु निर्देशित किया। रोप-वे कार्य को 2 साल में पूरा कराए जाने मुख्य मॉडल पर उन्होंने विशेष जोर दिया। ताकि समय से रोप-वे उद्घाटित हो सके। इस दौरान रेलवे एवं विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने डिजिटल प्रेजेंटेशन के माध्यम से परियोजनाओं के संबंध में मुख्य सचिव को विस्तार से अवगत कराया।
    इस दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, उत्तर रेलवे के डीआरएम सुरेश कुमार सपरा, एडीआरएम लालजी चौधरी, मुख्य मॉडल निदेशक आनंद मोहन, वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

    Himachal News: मुख्य सचिव की मौजूदगी में बैठक, ओल्ड पेंशन पर एनपीएस संघ से मांगा मॉडल

    ओल्ड पेंशन की बहाली को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में एनपीएस संघ को इस बारे में मॉडल सबमिट करने को कहा गया है। इसके साथ ही न्यू पेंशन स्कीम कंट्रीब्यूशन के रिटर्न और डाटा पर डीसी मंडी अरिंदम चौधरी की अध्यक्षता में इंटरनल एडवाइजरी ग्रुप बनाया गया मुख्य मॉडल है, जो एनपीएस संघ द्वारा दिए गए डाटा का विश्लेषण करेगा और अपनी रिपोर्ट सरकार को देगा। डीसी मंडी एनपीएस संघ के पदाधिकारियों से इस बारे में अलग से बैठक करेंगे। यह बैठक मंडी में भी हो सकती है। बैठक में एनपीएस संघ की ओर से रखा गया ओल्ड पेंशन का डाटा वित्त विभाग के आंकड़ों मुख्य मॉडल से मैच नहीं कर रहा था, इसलिए मुख्य सचिव ने डीसी मंडी अरिंदम चौधरी की ड्यूटी लगाई है। डाटा की वेरिफिकेशन और एनपीएस संघ की ओर से आने वाले मॉडल के बाद हाई पावर कमेटी की बैठक दोबारा होगी। सरकार ने तब तक एनपीएस संघ को किसी भी तरह का धरना प्रदर्शन न करने के लिए कहा है।

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