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प्लेटफार्म

प्लेटफार्म
मित्रों यदि आपको वीडियो में दी हुई वाराणसी के आइलैंड प्लेटफार्मस् की जानकारी पसंद आई हो तो हर हर महादेव कमेंट बाॅक्स में अवश्य लिखें।

प्लेटफार्म (Platform) को हिंदी में क्या कहते हैं?

रेल यात्रा के लिए पहले हमें रेलवे स्टेशन पहुंचना होता है। जहां पर रेल अपने निर्धारित समय पर आती है। बतादें कि भारत में रेलवे स्टेशनों की कुल संख्या 7,000 और 8,500 के बीच अनुमानित है। साथ ही एक रेलवे स्टेशन ऐसा भी है जहां जाने के लिए वीजा का होना जरूरी है..चौक गये न वो है देश का इकलौता अंतरराष्ट्रीय एयरकंडीशनर रेलवे स्टेशन अटारी। लेकिन क्या आप जानते है कि प्लेटफार्म को हिंदी में क्या कहते हैं। नहीं न, तो अन्य सवालों के साथ इसे भी जानिये–

सवाल : श्रीनगर की स्थापना किसने की?
जवाब : अशोक

सवाल : कालिदास ने किस भाषा में रचनाएं लिखी थी?
जवाब : संस्कृत

सवाल : मंगल और बृहस्पति ग्रहों के बीच ग्रहों के समान चक्कर लगाने वाले पिंड क्या कहलाते हैं?
जवाब : शुद्र ग्रह

PM मोदी की काशी को मिलने वाला है वाराणसी का पहला आइलैंड प्लेटफार्म

Cantt Railway Station

वाराणसी (Varanasi) की वैश्विक महत्ता के कारण पावन नगरी के जीवन का अनुभव करने के लिए समस्त संसार के कोने कोने से आने वाले यात्री एवं दर्शनार्थीयों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती ही रहती है जिसके कारण से वाराणसी के प्रमुख स्टेशन कैंट जंक्शन पर जन व रेल भार को कम करने के उद्देश्य से वाराणसी के अन्य रेलवे स्टेशनस् को भी अपग्रेड किया गया है जिसमें की मंण्डुआडीह स्थित बनारस रेलवे स्टेशन व वाराणसी सिटी रेलवे सम्मिलित है, परंतु उसके पश्चात भी जब मनवांछित समाधान नहीं मिला तो प्रशासन ने वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर और प्लेटफार्म बढ़ाने का निर्णय लिया किंतु पर्याप्त स्थान ना होने के कारण से कैंट रेलवे स्टेशन के नवीन प्लेटफार्मस् को मुख्य परीसर से दूरी पर बनाने का निर्णय हुआ। जानकारी के लिए बता दें की जब कोई रेलवे प्लेटफार्म अपने रेलवे स्टेशन से भिन्न अथवा अलग या दूरी पर होता है तो उस प्लेटफार्म को आधुनिक भाषा में आइलैंड प्लेटफार्म (Island Platform) या डॉक प्लेटफार्म (Dock Platform) कहते हैं।

स्विगी ने खरीदा रेस्तरां रिजर्वेशन प्लेटफार्म डाइनआउट

स्विगी ने खरीदा रेस्तरां रिजर्वेशन प्लेटफार्म डाइनआउट |_40.1

ऑनलाइन उपलब्ध फूड-डिलीवरी ऐप स्विगी एक औपचारिक सौदे में टाइम्स इंटरनेट से रेस्तरां तकनीक और डाइनिंग आउट प्लेटफॉर्म डाइनआउट खरीदने के लिए सहमत हो गया है। स्विगी ने एक बयान में कहा कि अधिग्रहण के बाद डाइनआउट एक अलग ऐप के रूप में काम करना जारी रखेगा।

ज्यादातर स्टॉक लेनदेन अगले प्लेटफार्म महीने करीब 12 करोड़ डॉलर यानी करीब 930 करोड़ रुपये में बंद होने की संभावना है। प्लेटफार्म स्विगी के को-फाउंडर और सीईओ श्रीहर्ष मैजेटी के अनुसार, इस अधिग्रहण से स्विगी को सहक्रियाओं की जांच करने और उच्च उपयोग वाले क्षेत्र में नए अनुभव बनाने में मदद मिलेगी। स्विगी से टेबल बुकिंग और इवेंट जैसे डाइनआउट के प्लेटफार्म उत्पादों का विस्तार करने की उम्मीद है, जबकि डाइनआउट के रेस्तरां भागीदारों के पास अपनी पहुंच का विस्तार करते हुए स्विगी के विशाल उपभोक्ता आधार तक पहुंच होगी।

प्लेटफार्म टिकट की बिक्री शुरू, लेकिन महंगी सुविधा देने पर नाराजगी

पश्चिम रेलवे प्लेटफार्म के मुम्बई डिविजन में सूरत रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म टिकट की बिक्री शुरू हो गई है। राजस्थान पत्रिका ने हाल में ही प्लेटफार्म टिकट शुरू नहीं होने से यात्रियों को परेशानी की खबर प्रकाशित की थी। इस पर सुविधा तो मिली, लेकिन प्लेटफार्म टिकट के रेट को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। गुजरात के बड़े स्टेशन अहमदाबाद में प्लेटफार्म टिकट प्लेटफार्म दर 30 रुपए है। वहीं, सूरत स्टेशन के यात्रियों के लिए 50 रुपए दर तय की प्लेटफार्म प्लेटफार्म गई है। सूरत से सांसद दर्शना जरदोश के रेल राज्यमंत्री बनने के बाद मुम्बई डीआरएम प्लेटफार्म के इस निर्णय को लेकर जनप्रतिनिधियों ने विरोध शुरू कर दिया है।

प्लेटफार्म टिकट की बिक्री शुरू, लेकिन महंगी सुविधा देने पर नाराजगी

कैसे यूज कर सकते है एप

http://www.utsmobile.indianrail.gov.in पर लॉग इन कर सकते है. यूटीएस एप को एंड्रायड, ओएस,विंडोज डिवाइस में डाउनलोड कर सकते है. रजिस्ट्रेशन के बाद लॉग इन करने की सुविधा मिलेगी. मोबाइल नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉग इन करने के बाद आर वॉलेट में रिचार्ज करने का आप्शन मिलेगा. जिसमें 100 रुपए से लेकर 10 हजार तक का रिचार्ज कर सकते है. इसके बाद बुक टिकट में जाकर डिटेल्स भरकर टिकट बुक किया जा सकता है.

डिवीजनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमिटी (डीआरयूसीसी) के सदस्य प्रेम कटारूका ने कहा कि रेलवे के जिम्मेदार लोग रेल यूजर्स की समस्या से अवगत कराते ही समाधान बताते है. जबकि होना ये चाहिए कि किसी भी नई व्यवस्था का प्रचार- प्रसार कर लोगों को जागरूक करना चाहिए. साथ ही कहा कि अपेक्षा है रेलवे के द्वारा किए जा रहे नए-नए बदलाव/प्रयोग प्लेटफार्म पर अमल करने से पूर्व उसकी उपयोगिता पर गहन अध्यन करने के बाद लागू करना चाहिए. जिससे सिस्टम में बदलाव के लिए खर्च की जाने वाली भारी-भरकम राशि का सदुपयोग हो सके.

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