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चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ

चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ

चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ

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निम्नलिखित में किस प्रकार के ब .

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Solution : चालू खाताधारकों को बैंक खाते की शेष राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलता है। एक चालू खाता बिना ब्याज का जमा खाता है। चालू खाता धारक को ओवरड्राफ्ट सुविधा का एक महत्वपूर्ण लाभ मिलता है।

Current account new rules : करंट अकाउंट किसे कहते हैं? जानिए नए नियमों का आपके ऊपर क्या होगा असर

टाइम्स नाउ डिजिटल

Current account new rules : करंट अकाउंट खोलने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय निर्दिष्ट किए हैं। आप यहां आरबीआई के नए दिशानिर्देशों के बारे में जान सकते हैं।

What is a Current Account, Know what will be effect of the new rules on you

Current account new rules : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने करंट अकाउंट यानी चालू खाते खोलने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय निर्दिष्ट किए हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उधारकर्ताओं के बीच क्रेडिट अनुशासन है और फंड की कोई री-रूटिंग (डायवर्जन) नहीं हो रही है। अगस्त 2020 में अधिसूचित इन नए नियमों को शुरू में तीन महीने में लागू करना था। हालांकि, बैंकों को इनका अनुपालन करने के लिए और समय की जरुरत महसूस होने के चलते इसकी समय सीमा 31 जुलाई 2021 तक बढ़ा दी गई। अब इसे एक बार और बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2021 कर दिया गया है। यहां आप करंट अकाउंट और आरबीआई के नए दिशानिर्देशों के बारे में जान सकते हैं।

करंट अकाउंट किसे कहते हैं?

चालू खाता, जिसे लेनदेन संबंधी खाते (यानी ट्रांजेक्शनल अकाउंट) के रूप में भी जाना चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ जाता है, एक बैंक खाता है जिसमें दैनिक लेनदेन की कोई सीमा निर्दिष्ट नहीं होती है। ये खाते न तो निवेश के उद्देश्य से काम करते हैं, और न ही बचत खाते (सेविंग अकाउंट) की तरह इन खातों में रखी धनराशि पर कोई ब्याज मिलता है। चालू खातों का उपयोग आमतौर पर पेशेवर, छोटे व्यवसाय और उद्यमी करते हैं।

एकल करंट खाता कौन खोल सकता है?

करंट खाता सुविधा आमतौर पर उन लोगों के लिए उपलब्ध है जो किसी न किसी व्यवसाय से जुड़े हैं। इस तरह का खाता खोलने के लिए आपके पास निगमन प्रमाणपत्र (सर्टिफिकेट ऑफ इनकॉर्पोरेशन), फर्म या कंपनी के पते का साक्ष्य और आपका पैन कार्ड जैसे दस्तावेज होने चाहिए। कई बैंक जीएसटी पंजीकरण संख्या पर भी जोर देते हैं। नए नियमों के बाद, वे ग्राहक भी चालू खाता खोल सकते हैं जिन्होंने बैंकिंग प्रणाली से कोई लोन सुविधा नहीं ले रखी है और जिनका बैंकिंग प्रणाली में एक्सपोजर 5 करोड़ रुपए से कम है। हालांकि, ऐसा करते समय बैंक ऐसे ग्राहकों को यह वचनपत्र देने के लिए कह सकते हैं कि यदि उधारकर्ता द्वारा बैंकिंग प्रणाली से लिया जाने वाला क्रेडिट 5 करोड़ रुपए को पार कर जाता है तो वे इस बारे में बैंकों को सूचित करेंगे।

ये नए मानदंड क्यों?

यह देखा गया है कि कई उधारकर्ता, जिन्हें बैंकों ने नकदी ऋण (सीसी) या ओवरड्राफ्ट (ओडी) सुविधाओं के जरिए पैसा उधार दिया था, उधार ली गई धनराशि को अन्य बैंकों में मौजूद अपने चालू खातों में ट्रांसफर कर रहे थे। यह बैंकिंग नियामक के नजरिए से उचित तरीका नहीं था। आरबीआई ने मानदंडों को इसलिए सख्त बनाया है ताकि उधारदाता संघ (यानी कन्सोर्टियम ऑफ लेंडर्स) से बाहर जाकर उधार लेने वालों द्वारा नए चालू खाते खोलने की इस प्रथा पर अंकुश लगाया जा सके, विशेष रूप से जब अंडर स्ट्रेस होते हैं और एक बैंक से दूसरे बैंक में फंड डायवर्ट करते हैं। अपने परिपत्र में आरबीआई ने कहा है कि "कोई भी बैंक उन ग्राहकों के लिए चालू खाता नहीं खोलेगा, जिन्होंने बैंकिंग प्रणाली से नकदी ऋण (सीसी) / ओवरड्राफ्ट (ओडी) के रूप में क्रेडिट सुविधा प्राप्त की है और सभी लेनदेन सीसी/ ओडी खाते के जरिए किए जाएंगे।

इससे कौन से चालू खाते होंगे?

इसका असर उन उधारकर्ताओं के चालू खातों पर पड़ेगा, जिन्होंने दूसरे बैंकों से सीसी/ओडी की सुविधा ले रखी है। बैंक इस बारे में आपको सूचित करने के लिए नोटिस भेजेगा। इसके अलावा, यदि आपने सीसी/ओडी सुविधाओं का लाभ उठाया है और उन फंड को अपने चालू खाते में ट्रांसफर कर दिया है तो आपका खाता प्रभावित होगा। यदि आपके पास पहले से एक चालू खाता है और आपने कोई सीसी/ओडी सुविधा नहीं ली है तो आपका खाता बंद नहीं होगा।

यदि खाता बंद हो जाता है तो उसमें रखे पैसे चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ का क्या होगा?

अधिकांश बैंकों ने उन चालू खातों को फ्रीज कर दिया है जो नए दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते थे। आपसी समाधान की दृष्टि से बैंक इन खातों को ग्राहकों के लिए फिर से खोल और चालू कर सकते हैं। बंद खातों के मामले में, उन्हें फिर से नहीं खोला जा सकता है लेकिन ग्राहक इसमें रखी हुई रकम निकाल सकते हैं।

यदि चालू खाते को फ्रीज या बंद कर दिया गया है, तो खाते में मौजूद धनराशि उधारकर्ता के बचत या सीसी/ओडी खाते में ट्रांसफर की जा सकती है। आपको उस शाखा में जाना होगा जहां आपका खाता है, और फिर आवेदन पत्र भरकर चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ पैसा ट्रांसफर करने के लिए बैंक से अनुरोध करें। बैंक या तो उक्त खाते में आरटीजीएस कर सकता है या फर्म के नाम पर डिमांड ड्राफ्ट प्रदान कर सकता है, या उस राशि को आपके सीसी/ओडी खातों में ट्रांसफर कर सकता है। कुछ मामलों में, यदि चालू खाते में राशि बहुत कम है तो आप इसे नकद में भी प्राप्त कर सकते हैं (हालांकि, यह बैंक पर और बैंक के साथ आपके संबंधों पर निर्भर करता है)। प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जरूरी है कि आप सत्यापन के लिए अपना केवाईसी विवरण तैयार रखें।

नए नियमों में 10% ऋण एक्सपोजर की आवश्यकता का क्या अर्थ है?

इसका यह अर्थ है कि बैंकिंग प्रणाली में ग्राहक के कुल ऋण एक्सपोजर में से, यदि किसी उधारदाता के प्रति एक्सपोजर 10% या उससे अधिक है, तो डेबिट सुविधा उस विशेष बैंक के साथ खोले गए सीसी/ओडी खाते में उपलब्ध होगी। उदाहरण के लिए, यदि आपने विभिन्न उधारदाताओं से 5 करोड़ रुपए का ऋण लिया है। मान लीजिए कि इसमें से केवल एक उधारदाता 'क' ने आपको 50 लाख रुपए (कुल ऋण का 10%) या अधिक राशि का ऋण दिया है, तो आप उधारदाता 'क' के साथ खोले गए सीसी/ओडी खाते से ही डेबिट सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।

यदि उस उधारकर्ता के बैंकिंग प्रणाली के प्रति एक्सपोजर के 10% या अधिक वाले बैंक एक से ज्यादा हैं, तो जिस बैंक को निधि विप्रेषित की जानी है, वह उधारकर्ता और बैंकों के बीच निर्धारित किया जा सकता है। इसके अलावा, यह उल्लेखनीय है कि जहां एक उधारकर्ता के प्रति किसी बैंक का एक्सपोजर (उस उधारकर्ता के प्रति) बैंकिंग प्रणाली के एक्सपोजर के 10% से कम है, वहाँ सीसी/ओडी खाते में क्रेडिट की तो पूरी अनुमति होगी, किंतु इस सीसी/ओडी खाते में डेबिट केवल उधारकर्ता के उस बैंक के सीसी/ओडी खाते में क्रेडिट के लिए किया जाएगा, जिसका उधारकर्ता के प्रति एक्सपोजर उस उधारकर्ता के प्रति एक्सपोजर का 10% या इससे अधिक है।

निष्कर्ष

31 जुलाई तक ऐसे ज्यादातर चालू खाते फ्रीज कर दिए गए थे लेकिन बंद नहीं किए गए थे। समय सीमा बढ़ाने के बाद, बैंक अब नई व्यवस्था के लिए अपने ग्राहकों से माइग्रेशन पथ के बारे में बात करेंगे। अधिकांश बैंक अपने ग्राहकों के साथ बात कर इन मुद्दों को पारस्परिक रूप चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ से हल करने का प्रयास करेंगे। जिन खातों को फ्रीज कर दिया गया है, उन्हें अब फिर से खोला और चालू किया जा सकता है क्योंकि आरबीआई ने (इन नियमों को) लागू करने की तिथि बढ़ा दी है।

बैंक में खाता कैसे खोले | Bank main khata kaise khole in Hindi | समस्त जानकारी हिंदी में

बैंक में खाता कैसे खोले | Bank main khata kaise khole in Hindi | समस्त जानकारी हिंदी में

बैंक में खाता कैसे खोले – हर व्यक्ति अपने बचत किए हुए पैसों को किसी सुरक्षित स्थान पर रखना चाहता है, जिसके बाद उसके मन में सबसे पहले बैंक का नाम ही आता है। बैंक वो जगह है जहां पर लोग अपने पैसों को रखते है जिसके बदले उन्हें उन पैसों पर इंटरेस्ट भी मिलता है। अगर आप भी जानना चाहते है कि कैसे आप बैंक में अपने पैसों को डाल सकते है। तो उसके लिए आपको यह आर्टिकल अंत तक पढ़ना होगा और आपको आपके सारे सवालों के जवाब खुद ही मिल जायेंगे। तो आईये जानते है, कि बैंक में खाता कैसे खोले ?

बैंक में पैसे जमा करने के लिए क्या क्या करना होगा?

अगर आप भी बैंक में पैसा जमा करना चाहते है तो आपको सबसे पहले आपका बैंक चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ में खाता खुलवाना पड़ेगा। अगर आप यह नहीं जानते है कि बैंक में आप खाता किस प्रकार खुलवा सकते है तो हम आपकी सहायता के लिए आपको इस आर्टिकल में उस बारे में भी बताएंगे।

बैंक में खाता कैसे खोले ?

  • सबसे पहले आपको यह निश्चित करना होगा कि आप अपना बैंक खाता कौन से बैंक में खोलना चाहते है, उसके लिए आपको देखना पड़ेगा कि कौन सा बैंक अच्छे ऑफर्स दे रहा है।
  • बैंक में खाता खोलने पर कौन सा बैंक आपको ज्यादा इंटरेस्ट दे रहा है आपके पैसों पर। एक बार आपने वो यह चीज निश्चित कर ली तो आगे की राह काफी आसान हो जाएगी।
  • एक बार जब आपने यह निश्चित कर लिया कि आपको कौन से बैंक में अपना खाता खुलवाना है तो आपको उस बैंक की नजदीकी ब्रांच में जाकर खाता खोलने का फॉर्म लेना पड़ेगा और उनसे जरूरी दस्तावेज के बारे में पूछना पड़ेगा।
  • बैंक खाता खोलने के लिए जरूरी दस्तावेज की लिस्ट हमने नीचे आपके लिए दी हुई है आप उन्हे देख सकते है
  • आपका आधार कार्ड लगेगा।
  • आपकी दसवीं की मार्कशीट लगेगी।
  • आपका पैन कार्ड नंबर लगेगा।
  • आपके 3 पासपोर्ट साइज फोटो मांगें जायेंगे।
  • बिजली बिल लगेगा एड्रेस प्रूफ के लिए।
  • इन सब डॉक्युमेंट्स और फॉर्म को ठीक ढंग से भरने के बाद आपको अपने नजदीकी ब्रांच में जाके अपना फॉर्म और डॉक्युमेंट्स जमा करने होंगे जिसके बाद आपकों बैंक अधिकारी आपको अपने अकाउंट में कुछ राशि जमा करने को बोलेंगे और आपको वैसा करना पड़ेगा अन्यथा आप अपना बैंक खाता नहीं खोल सकते हैं।
  • हर बैंक में न्यूनतम अकाउंट बैलेंस अलग अलग होता है और आपको वो बैलेंस मेंटेन करके रखना पड़ेगा अन्यथा आपके खाते से बैंक कुछ राशि काटने लगेगा।
  • एक बार आपने न्यूनतम अकाउंट बैलेंस बैंक के खाते में डाल दिया तो आपका बैंक खाता बैंक द्वारा खोल दिया जायेगा।
  • जिसके बाद आपका बैंक खाता खुल जायेगा और आप बैंक द्वारा दिए गए सारी सुविधा को प्राप्त कर सकते है।

बैंक खाते के प्रकार

कोई भी बैंक किसी भी व्यक्ति के तीन प्रकार के खाते खोल सकता है जिसके बारे में हमने आपको नीचे बताया चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ है।

बचत खाता ( Savings Account)

बचत खाता वो अकाउंट होता है जो व्यक्ति इसलिए इस्तेमाल करता है जिससे वो अपने बचाए हुए पैसों को बैंक में डाल कर सुरक्षित रख सकें और जरूरत पड़ने के समय उसमे से पैसा निकाल कर अपनी जरूरतें पूरी कर सके।

सेविंग अकाउंट(बचत खाता) पर पैसा रखने से बैंक भी आपको कुछ परसेंट का इंटरेस्ट प्रति वर्ष आपको देती हैं और इस तरह आपका पैसा सुरक्षित भी रहता है और आपका पैसा खुद बढ़ता भी रहता है।

चालू खाता (Current Account)

चालू खाते की बात करे तो यह अलग प्रकार का बैंक खाता होता जिसका इस्तेमाल आम नागरिक नही करते। इस खाते का इस्तेमाल मुख्य तौर पर व्यापारी लोग करते है जिनको रोज का लेन देन होता है।

इस तरह के बैंक खाते पर किसी भी तरह की कोई ट्रांजेक्शन लिमिट नही होती और आप कितने भी ट्रांजेक्शन दिन में कर सकते हो बिना किसी असुविधा के। ऐसे बैंक खातों पर आपको किसी भी तरीके का ब्याज भी प्राप्त नहीं होता है।

लोन खाता ( Credit Account)

यह खाते खुलवाने के लिए आपके पास सिक्योरिटी के तौर पर कुछ होना चाहिए जैसे आपका घर, आपको कोई संपत्ति जिसको सिक्योरिटी पर रख कर आप बैंक से लोन उठा सकते है जिसके बाद आपको निश्चित समय के लिए प्रतिमाह कुछ राशि बैंक खाते में जमा करनी होगी जिसे ईएमआई (EMI) कहा जाता है।

इस प्रकार के खाते कोई भी व्यक्ति खुलवा सकता है, जिसको भी बैंक से कुछ पैसा अपने किसी बिजनेस या फिर निजी काम के लिए चाहिए हो।

बैंक बैलेंस कैसे चेक करे?

आप अपना बैंक खाते में कितने पैसे है वो विभिन्न तरीकों से पता कर सकते है।

  • सबसे पहले जब आप अपना बैंक खाता खुलवाते है तो आपको एक पासबुक दी जाती हैं जिससे आपको नियमित समय पर अपडेट करवाना होता है जिसके बाद आपके अकाउंट में कितना पैसा बचा हुआ है वो आपको उस पर दिख जाएगा।
  • दूसरा तरीका हैं कि जब आप अपना बैंक खाता खुलवाते है इस समय आपको एटीएम कार्ड की सुविधा मिलती है जिसके द्वारा आप कभी भी किसी भी एटीएम से अपना पैसा आपके अकाउंट से निकाल भी सकते है और साथ ही साथ कही भी अपना अकाउंट बैलेंस चेक कर सकते है।
  • तीसरा तरीका अभी हाल ही के सालो में उत्पन हुआ है चालू खाता क्या है प्रकार और लाभ जिसमे आप अपने बैंक अकाउंट को किसी भी यूपीआई के ऐप के साथ लिंक कर सकते है जिसके बाद आप अपना बैंक अकाउंट बैलेंस अपने घर पर बैठे बैठे पता कर सकते है।
  • आप अपने बैंक से नेट बैंकिंग की भी सुविधा प्राप्त कर सकते है और आप इस सुविधा के द्वारा भी किसी भी समय अपना बैंक अकाउंट बैलेंस चेक कर सकते है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (F.A.Q.)

  1. बैंक अकाउंट खोलने के लिए आपकी न्युनतम उम्र कितनी होनी चाहिए?

बैंक खाता खोलने के लिए ऐसी कोई न्युनतम उम्र नहीं है। अगर आप की उम्र एक साल से भी कम है तब भी आपका बैंक खाता खुल सकता है बस उस समय आपके मां या पिता को आपका गार्डियन माना जायेगा।

  1. आप अपने बैंक अकाउंट से नेट बैंकिंग की सुविधा कब से प्राप्त कर सकते हो?

अपने खाते पर नेट बैंकिंग की सुविधा आपके 18 वर्ष पूरे होने के बाद कर सकते हो।

  1. अपना बैंक खाते का बैलेंस किस प्रकार चेक कर सकते हो?

आप बैंक खाते का बैलेंस पासबुक द्वारा, नेट बैंकिंग द्वारा, एटीएम कार्ड के द्वारा और यूपीआइ ऐप के द्वारा कभी भी और किसी भी समय चेक कर सकते हो।

Post Office में खोल सकते हैं 5 तरह के बचत और चालू खाते, शर्तें बेहद आसान

Post Office: भारतीय डाक पेमेंट बैंक बचत और चालू खाते, धन हस्तांतरण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण सेवाओं के साथ-साथ बिल/उपयोगिता भुगतान सेवा प्रदान करता है.

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक भी डाक विभाग के तहत संचालित होता है. (PTI)

अधिकांश लोग शायद ही जानते होंगे कि पोस्ट ऑफिस में पांच तरह के सेविंग और करंट अकाउंट खोले जा सकते हैं. देशभर में 1.5 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिस और तीन लाख से भी ज्यादा डाकिये के नेटवर्क का संचालन करने वाला डाक विभाग बचत खाता यानी सेविंग अकाउंट उपलब्ध कराता है. छोटी बचत योजना पोर्टफोलियो के तहत इसे पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट कहते हैं. साथ ही भारतीय डाक विभाग की सहायक भारतीय डाक पेमेंट बैंक (IPPB) भी सेविंग और करंट अकाउंट खोलने की सुविधा देता है.

इंडिया पोस्ट मेल डिलीवरी, सरकार द्वारा संचालित छोटी बचत योजनाओं और बिल संग्रह के तहत कई सेवाएं प्रदान करता है. भारतीय डाक पेमेंट बैंक बचत और चालू खाते, धन हस्तांतरण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण सेवाओं के साथ-साथ बिल/उपयोगिता भुगतान सेवा प्रदान करता है.

भारत डाक बचत खाता (डाकघर बचत खाता)
डाकघर में पैसे जमा करने के लिए एक पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट खोला जा सकता है. आप 20 रुपये देकर खाता खोल सकते हैं. हालांकि आपको इसमें न्यूनतम 50 रुपये बैलेंस हमेशा बरकरार रखना होगा. इसमें आपको चेक सुविधा नहीं मिलेगी. भारतीय डाक की वेबसाइट के मुताबिक, चेक सुविधा पाने के लिए आपको अकाउंट खोलने के लिए 500 रुपये देने होंगे और न्यूनतम बैलेंस भी 500 रुपये बरकरार रखना होगा

भुगतान बैंक सेविंग अकाउंट
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक भी डाक विभाग के तहत संचालित होता है, भुगतान बैंक की वेबसाइट- www.ippbonline.com के अनुसार, तीन प्रकार के बचत बैंक खाते प्रदान करता है: नियमित, डिजिटल और बुनियादी. इन खातों की खास विशेषताएं हैं. सभी तीन प्रकार के IPPB बचत बैंक खातों को पैसों को लेकर किसी स्पेशल बैलेंस रखने की आवश्यकता नहीं होती है. इसका अर्थ है कि खाता जीरो बैलेंस के साथ संचालित किया जा सकता है.

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक करंट अकाउंट
भारतीय डाक पेमेंट बैंक के करंट अकाउंट में वर्तमान खाताधारकों को मासिक औसत बैलेंस बनाए रखने की आवश्यकता होती है. बैंक की वेबसाइट के अनुसार, एक महीने में दैनिक शेष राशि का औसत 1,000 रुपये होने चाहिेए.

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